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बदला पवन सिंह का मन, अब लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, फिर भी कई कयास

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोलकाता. भोजपुरी के सुपरस्टार पवन सिंह ने लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है. बुधवार (13 मार्च) को एक्स हैंडल से जनकारी देते हुए खुद पावरस्टार पवन सिंह ने इसका ऐलान किया है. पवन सिंह ने लिखा, “मैं अपने समाज जनता जनार्दन और मां से किया हुआ वादा पूरा करने के लिए चुनाव लडूंगा. आप सभी का आशीर्वाद एवं सहयोग अपेक्षित है. जय माता दी.”

आसनसोल से बीजेपी ने दिया है टिकट

बता दें कि बीजेपी ने चौंकाते हुए 2 मार्च को पवन सिंह को टिकट देने का ऐलान किया था. उन्हें पार्टी ने पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था. हालांकि सोशल मीडिया पर उनके विरोध में उठी आवाज के बाद उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का ऐलान किया. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने यह नहीं खुलासा किया कि वो क्यों उम्मीदवारी वापस ली. पवन सिंह ने 3 मार्च को कहा था, ”भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दिल से आभार प्रकट करता हूं. पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके आसनसोल का उम्मीदवार घोषित किया लेकिन किसी कारणवश मैं आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊंगा…”

अक्षरा सिंह को लेकर शुरू हो गई थी चर्चा

बता दें कि पवन सिंह ने जैसे ही मना किया था कि वह आसनसोल से चुनाव किसी कारणवश नहीं लड़ पाएंगे ऐसे में खबर आने लगी थी कि इस सीट से बीजेपी अक्षरा सिंह को टिकट दे सकती है. हालांकि अक्षरा सिंह की ओर से या बीजेपी की ओर से इसको लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई थी. गौरतलब हो कि पवन सिंह के नाम का जैसे ही बीजेपी ने ऐलान किया था तो टीएमसी के कई नेताओं ने घेरना शुरू कर दिया था. पवन सिंह के एक गाने को लेकर उन्हें टारगेट किया जाने लगा था. माना जा रहा था कि टारगेट किए जाने के बाद पवन सिंह ने 24 घंटे के अंदर यह बात कह दी कि वह आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।