लोड हो रहा है...

अरविंद केजरीवाल के पीए पर लगा स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस को सोमवार सुबह एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल बताते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव (पीए) बिभव कुमार पर मारपीट का आरोप लगाया. दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने यह जानकारी दी है. हालांकि फिलहाल यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि शिकायत करने वाली महिला स्वाति मालीवाल ही थीं या कोई और. वहीं स्वाति मालीवाल की तरफ से भी इस मामले में कोई बयान नहीं आया है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह लगभग 9:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को एक कॉल आया, जिसमें फोन करने वाले ने कहा कि वह स्वाति मालीवाल बोल रही है और सीएम हाउस पर सीएम एवं उसके पीए ने उनकी पिटाई की है. इसके बाद एक दूसरी कॉल में करेक्शन करते हुए कहा गया कि सीएम के कहने पर उनके पीए बिभव ने उनकी यानी स्वाति मालीवाल की पिटाई की है.

स्वाति मालीवाल ने मेडिकल कराने से किया इनकार

सूचना के आधार पर पुलिस कंट्रोल रूम की जिप्सी वहां पहुंची, तो स्वाति मालीवाल ने बताया कि उसके साथ मारपीट हुई है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक स्वाति मालीवाल ने अपना मेडिकल कराने से इनकार कर दिया और पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह बाद में इस बाबत लिखित में रिपोर्ट देंगी.

बीजेपी ने बोला हमला

इस मामले पर दिल्ली बीजेपी ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘जिस केजरीवाल के घर में महिला आयोग की अध्यक्ष सुरक्षित नहीं. उस राज का यारों क्या कहना? CM Delhi जवाब दें?’ वहीं बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘आज सुबह केजरीवाल के घर में स्वाति को पुलिस क्यों बुलानी पड़ी? क्या केजरीवाल के पीए बिभव ने स्वाति मालीवाल की पिटाई की? क्या मुख्यमंत्री का कार्यालय कोई स्पष्टीकरण देगा? ईश्वर करें मुख्यमंत्री के घर में महिला राज्यसभा सांसद की पिटाई की खबर झूठी हो.’ इस मामले पर फिलहाल स्वाति मालीवाल, आम आदमी पार्टी या सीएम अरविंद केजरीवाल की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

- Advertisement -

साभार : न्यूज18

फेसबुक पेज : https://www.facebook.com/profile.php?id=61558434413602

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।