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बर्गर किंग गोलीकांड के आरोपी मुठभेड़ में ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. पिछले महीने पश्चिमी दिल्ली के फूड ज्वाइंट बर्गर किंग में मारे गये युवक अमन जून की हत्या के तार सोनीपत एनकाउंटर में ढेर हुए दो बदमाशों से जुड़े हैं। बर्गर किंग गोलीकांड और हत्या के पीछे कथित तौर पर दो शूटरों सहित तीन गैंगस्टरों को हरियाणा पुलिस और दिल्ली क्राइम ब्रांच के संयुक्त ऑपरेशन में शुक्रवार को मार गिराया गया। आशीष और रिढाना वही थे जिन्होंने 18 जून को राजौरी गार्डन बर्गर किंग आउटलेट में 26 वर्षीय अमन जून की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सोनीपत मुठभेड़ में शामिल दिल्ली पुलिस के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि मारे गए दो बदमाश दिल्ली के बर्गर किंग आउटलेट गोलीकांड और हत्या में शामिल थे।

जानकारी के अनुसार बर्गर किंग में मारा गया अमन जून हरियाणा का रहने वाला था। अमन जून पर तब हमला किया गया जब वह रेस्तरां में एक महिला के साथ बैठा था। उस महिला ने कथित तौर पर अमन को  ‘हनी ट्रैप’ में फंसाया था। घटना के बाद से महिला फरार है। दोनों शूटरों के एक सहयोगी बिजेंदर को 28 जून को रोहिणी में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। वह आशीष और रिधाना को अपनी मोटरसाइकिल पर आउटलेट पर ले गया था। राजौरी गार्डन में बर्गर किंग आउटलेट पर हुई हत्या को जेल में बंद गैंगस्टर नीरज बवाना और अशोक प्रधान के बीच चल रहे गैंगवार के हिस्से के रूप में देखा गया था।

देर रात हुई थी मुठभेड़

एसटीएफ सोनीपत और दिल्ली पुलिस की टीम ने शुक्रवार देर रात मुठभेड़ के बाद भाऊ गैंग के तीन बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया। तीनों बदमाश हिसार में व्यापारी से पांच करोड़ की रंगदारी, मातूराम हलवाई के दुकान के बाहर फायरिंग और शराब कारोबारी हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे हैं। तीनों आरोपियों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम बताया जा रहा है।

रात करीब नौ बजे एसटीएफ सोनीपत और न्यू दिल्ली रेंज क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना पर खरखौदा क्षेत्र में घेराबंदी की। टीम को सूचना मिली थी कि भाऊ गैंग के तीन बदमाश छिनौली रोड से आने वाले हैं। एसटीएफ ने सूचना पर छिनौली रोड पर नाका लगा दिया। कुछ देर बाद सफेद रंग की कीया सेल्टोस गाड़ी पुलिस को आती दिखाई दी। एसटीएफ की टीम ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया तो कार सवार बदमाशों ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकना की कोशिश तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों को सरेंडर करने को कहा गया, लेकिन वे फायरिंग करते रहे। तीनों ने करीब 25 से 30 गोलियां चलाईं। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों गोली लगने से घायल हो गए। तीनों को पुलिस ने खरखौदा के अस्पताल में पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

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हिसार और सोनीपत के रहने वाले थे बदमाश

पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों की पहचान हिसार के गांव खारिया निवासी आशीष उर्फ लालू, हिसार के गांव खरड़ निवासी सन्नी खरड़ और सोनीपत के गोहाना के गांव रिंढाना निवासी विक्की के रूप में हुई है।

पांच पिस्तौल और 19 कारतूस बरामद

पुलिस टीम ने बदमाशों के पास से पांच आधुनिक पिस्तौल व 19 कारतूस बरामद किए हैं। कारतूस उनकी जेबों से बरामद किए गए हैं।

इन मामलों में थी तलाश

पुलिस ने बताया है कि हिसार में महिंद्रा शोरूम मालिक से पांच करोड़ की रंगदारी, गोहाना में मातूराम हलवाई की दुकान पर फायरिंग कर दो करोड़ की रंगदारी मांगने और मुरथल के गुलशन ढाबे पर कारोबारी सुंदर मलिक उर्फ सुंदरा की हत्या के मामले में तीनों आरोपियों की तलाश थी। गोहाना के खानपुर में चिकित्सक से रंगदारी मांगने में भी आरोपियों का नाम सामने आया था। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आशीष पर 20 से अधिक, सन्नी पर 15 व विक्की रिंढाणा पर करीब सात मुकदमे दर्ज थे।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।