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कोंकणी लोगों पर बयान देकर फंसे मुनव्वर फारूकी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी अक्सर विवादों से घिरे रहते हैं। एक बार फिर से वे कोंकणी समुदाय पर विवादित टिप्पणी करने को लेकर विवादों में आ गए। दरअसल, उन्होंने अपने एक शो के दौरान कोंकणी समुदाय के लोगों पर विवादित टिप्पणी की थी। जब उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने बवाल काट दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने कमेंट कर उनके इस टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना करनी शुरू कर दी। साथ ही उनके विरोध में कोंकणी समुदाय से लेकर भारतीय जनता पार्टी और अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता भी उतर गए और उन्होंने स्टैंड-अप कॉमेडियन को चेतावनी देते हुए उनके बयान को लेकर उन्हें माफी मांगने को कहा। जिसके बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने एक वीडियो जारी करते हुए माफी मांग ली है।

विवादित टिप्पणी पर लोगों ने जताई नाराजगी

कोंकणी समुदाय पर विवादित टिप्पणी वाले वीडियो को भाजपा नेता नीतीश राणे ने शेयर करते हुए स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी पर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने वीडियो पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा – “इस हरे सांप को घर जाकर बताना होगा कि कोंकण के लोग कैसे हैं। फिर मालवणी में शुरू होगा स्टैंड अप!” वीडियो को शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के नेता समाधान सरवनकर ने भी अपने एक्स हैंडल से शेयर करते हुए लिखा – अगर मुनव्वर फारूकी ने कोंकणी लोगों से माफी नहीं मांगी तो ये पाकिस्तान प्रेमी मुनव्वर को जहां भी दिखेगा, उसे रौंद दिया जाएगा। यह कोंकणी लोगों के बारे में यह भाषा बोलता है, जो अपने अतिथियों का बहुत स्वागत करने वाले लोग हैं। इसके साथ ही समाधान सरवनकर ने यह भी कहा कि अगर स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने माफी नहीं मांगी तो जो भी मुनव्वर की पिटाई करेगा उसे 1 लाख  रुपए का इनाम दिया जाएगा।

मुनव्वर फारूकी ने मांगी माफी

मामले को तूल पकड़ता देख स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो जारी करते हुए कोंकणी लोगों से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि, “अभी कुछ दिन पहले मेरे एक शो के दौरान मैंने कोंकणी लोगों पर एक टिप्पणी की थी, जब वीडियो इंटरनेट पर आया तो उस टिप्पणी से कई लोगों का दिल दुखा। एक स्टैंड-अप कॉमेडियन होने के नाते मेरा काम लोगों को हंसाना है ना कि लोगों के दिल को दुख पहुंचाना, इसलिए मैं उन सभी लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं, जो मेरे इस बयान से आहात हुए। कृप्या मुझे माफ कर दीजिए।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।