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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तोपों से हुए एक-दूसरे पर हमले

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

काबुल. पाकिस्‍तानी सेना और तालिबान के बीच सीमा पर तनाव बहुत ज्‍यादा बढ़ गया है। पाकिस्‍तान की सेना टीटीपी आतंकियों को निशाना बनाने के लिए अफगानिस्‍तान के अंदर अपने फाइटर जेट और किलर ड्रोन विमान भेज रही है। पाकिस्‍तानी सेना के इस कदम से तालिबानी सरकार भड़क उठी है और डूरंड लाइन पर दोनों तरफ से तोपें गरज रही हैं। बताया जा रहा है कि तोरखम सीमाई इलाके में पाक‍िस्‍तानी सेना और अफगान तालिबान के बीच यह लड़ाई चल रही है। अफगानिस्‍तान के गृह मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्‍तानी सेना ने दो अफगान बच्‍चों और एक मह‍िला की हत्‍या कर दी है। दोनों तरफ से अभी भी जोरदार लड़ाई चल रही है और तोपों से भारी गोलाबारी हो रही है। बताया जा रहा है कि तालिबान और पाकिस्‍तानी सेना के बीच एक चेकपोस्‍ट को बनाने को लेकर भी तनाव भड़का हआ है।

तालिबानी सरकार के प्रवक्‍ता जबीउल्‍लाह मुजाहिद ने कहा है कि उनकी सरकार पाकिस्‍तानी सेना के फाइटर जेट के घुसने की जांच कर रहे हैं। इससे पहले अफगान जनता ने शिकायत की थी कि पाकिस्‍तानी सेना के फाइटर जेट कुनार और नानगरहार प्रांतों में अफगान हवाई क्षेत्र में गश्‍त लगा रहे हैं। तालिबानी प्रवक्‍ता ने कहा कि किसी भी देश को अफगान‍िस्‍तान के हवाई क्षेत्र के उल्‍लंघन का अधिकार नहीं है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तानी फाइटर जेट के गश्‍त लगाने की खबर अगर सही है तो हम सख्‍त कारवाई करेंगे। अफगान मीडिया के मुताबिक जब तक तालिबान और पाकिस्‍तानी सेना के बीच विवाद के मुख्‍य कारणों का हल नहीं किया जाता है, इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।

तालिबान के रास्‍ते टीटीपी के आतंकी

इससे पहले पाकिस्‍तान ने अमेरिकी ड्रोन विमानों को भी अपना हवाई क्षेत्र मुहैया कराया था ताकि वे अफगानिस्‍तान के हवाई क्षेत्र में गश्‍त लगा सकें। इसका भी तालिबान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। तालिबान और पाकिस्‍तानी सेना के बीच टीटीपी आतंकियों को लेकर सबसे ज्‍यादा विवाद है। टीटीपी आतंकी पाकिस्‍तान की सरकार को गैर इस्‍लामिक मानते हैं। यही नहीं जिस तरह से तालिबान ने अशरफ गनी की सरकार को हटाकर अफगानिस्‍तान पर कब्‍जा कर लिया, ठीक उसी तरह से वे पाकिस्‍तान पर कब्‍जा करने के लिए खूनी हमले कर रहे हैं। इन हमलों में अब तक बड़ी तादाद में पाकिस्‍तानी सैनिक और आम नागरिक मारे गए हैं।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।