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भगवान श्री राम जितने आपके हैं उतने ही हमारे भी हैं : इमरान मसूद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा शनिवार को देशभर में धूमधाम से मनाया गया. सहारनपुर में भी 50 से अधिक जगह रावण दहन का कार्यक्रम किया गया. रेलवे क्वार्टर रामलीला कमेटी द्वारा भी धूमधाम से दशहरे का पर्व मनाया गया, जिसका आयोजन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एडवोकेट चन्दरजीत सिंह निक्कू (पूर्व पार्षद) द्वारा किया गया.

यहां कांग्रेस सांसद इमरान और नगर निगम महापौर डॉक्टर अजय कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इसमें बड़ी संख्या में लोग दशहरा देखने पहुंचे. इस दौरान रावण, कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला दहन किया गया. इस मौके पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि दशहरे के त्योहार पर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है.

उन्होंने कहा कि राम जितने आपके हैं उतने ही हमारे भी हैं. उन्होंने कहा भगवान श्री राम ऐसे आदर्श व्यक्ति हैं जो त्याग, समर्पण, न्याय, करुणा और कर्तव्य के प्रतीक के रूप में पूजे जातें हैं. जबकि यति नरसिंहानंद गिरी के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि मानसिक रूप से बीमार लोगों के बारे में क्या बात करनी है.

यति नरसिंहानंद गिरी सख्त सजा देने की मांग

कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी भी धर्म के प्रति टिप्पणी करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार होता है. ऐसे व्यक्ति को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए. इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सांसद ने कहा था कि राम नारा नहीं विश्वास है. ये भौतिकता की नहीं..मन की प्यास है, राम नहीं मिलेंगे मंदिर के फेरों में..राम मिले हैं शबरी के झूठे बेरों में..

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तब उन्होंने कहा था कि राम तो राम ही है राम के बारे में क्या बात करनी. बता दें कि बीते लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने बीएसपी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की थी. हालांकि बीएसपी में जाने के पहले वह कांग्रेस में ही कई सालों तक रहे हैं.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।