लोड हो रहा है...

सीबीआई को मिली शेख शाहजहां की 8 और दिनों की रिमांड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

कोलकाता. पूर्व टीएमसी नेता और संदेशखाली मामले का आरोपी शेख शाहजहां की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कोर्ट में लगाई उसकी जमानत अर्जी आज एक बार फिर से खारिज हो गई और उसे सीबीआई को आठ दिन की और रिमांड मिल गई है। वहीं इससे पहले ईडी अधिकारियों पर हमला मामले में शाहजहां सीबीआई की रिमांड पर था।

पिछले दिनों आवास पर हुई थी छापेमारी

वहीं इससे पहले 8 मार्च को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के संदेशाखालि में पूर्व टीएमसी नेता शाहजहां शेख के घर पर छापेमारी की थी। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक दल पर हमले की जांच के सिलसिले में निलंबित तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाहजहां शेख के आवास पर ये छापे मारे गए थे।

ईडी की टीम पर हुआ था पथराव

बता दें कि यह छापेमारी टीएमसी नेता शेख शाहजहां के खिलाफ संदेशखाली और उसके आसपास के इलाकों में जमीन हड़पने को लेकर की गई है। बता दें कि इसस पहले ईडी की टीम 24 परगना के बनगांव स्थिति शाहजहां शेख के आवास पर छापेमारी करने जा रही थी, उस दौरान शाहजहां के समर्थकों ने ईडी की टीम पर पथराव किया था। बता दें कि राशन घोटाला और संदेशखाली मामले का आरोप शाहजहां शेख पर है। संदेशखाली मामले के सामने आने के बाद शाहजहां शेख काफी समय से लापता था। इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के दखल के बाद बंगाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।

साभार : इंडिया टीवी

- Advertisement -

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।