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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

वाशिंगटन. 13 जुलाई के दिन पेनसिल्वेनिया के बटलर में डोनाल्ड ट्रंप अपना चुनावी रैली कर रहे थे। अचानक से एक गोली की आवाज आई और वो ट्रंप के कान को छूते हुए निकल गई। इस बीच ट्रंप भी समझ गए थे कि उनके साथ अचानक क्या हुआ है। वह अपने कान को छूते है और उनका हाथ पूरा लहूलुहान हो चुका होता है। जांचकर्ताओं का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और संभावित रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की हत्या की कोशिश की गई थी। यह चौंकाने वाली घटना ऐसे समय पर हुई जब अमेरिका में इस साल के अंत में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले है।

  • क्या हुआ: रैली के दौरान ट्रंप सीमा पार करने वालों की संख्या का चार्ट दिखा रहे थे, तभी एक गोली की आवाज सुनाई दी। ट्रंप ने बाद में सोशल मीडिया पर कहा कि एक गोली ‘मेरे दाहिने कान के ऊपरी हिस्से में लगी।’
  • शूटर के बारे में हम क्या जानते हैं: दो अधिकारियों ने समाचार एजेंसी AP को बताया कि शूटर रैली में शामिल नहीं था और उसे यू.एस. सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने मार गिराया। एपी के एक सूत्र के हवाले से पता चला है कि कानून प्रवर्तन ने घटनास्थल पर एक एआर-स्टाइल राइफल बरामद की।
  • बाइडन की प्रतिक्रिया: एक टेलीविजन संबोधन में, राष्ट्रपति ने कहा कि ‘हम हमले की निंदा करते है।’ व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि बाइडन ने ट्रम्प से फोन पर बात भी की।

हमले का वीडियो आया सामने

ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक रैली के दौरान अचानक गोलीबारी होने लगती है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ट्रंप इस हमले में बाल-बाल बचे है। गोली उनके दाहिने कान को छूती हुई निकली। अगर यह गोली 2 सेंटीमीटर भी अंदर की तरफ होती तो ट्रंप की जान भी जा सकती थी।

‘ओह, फिर पकड़ लिया अपना कान’

वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि ट्रंप रैली के दौरान अपना भाषण दे रहे थे। उसी बीच एक शख्स ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगता है। इस बीच ट्रंप ने कहा- ओह और अपना कान पकड़ लिया। वह तुंरत नीचे झुक जाते है, लेकिन गोलियां चलती रहती है। हमले के बाद ट्रंप ने कहा कि ‘उन्हें ऐसा लगा था कि गोली उनके कान के आर-पार हो गई है।’

हमले के तुंरत बाद ट्रंप ने दिखाया गर्मजोशी

हमले के तुरंत बाद उनकी सुरक्षा के लिए पूरा काफिला पहुंच जाता है और ट्रंप को पूरी तरह से घेर लिया जाता है। इस बीच ट्रंप मंच पर फिर से खड़े होते है और अपनी जीत की मुट्टी बांधते हुए भीड़ की ओर गर्मजोशी से नारे लगाते हैं। इस बीच उनका आधा चेहरा खून से लाल-लाल हो जाता है।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।