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अयोध्या के डीएम सहित 11 आईएएस अधिकारियों का हुआ ट्रान्सफर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. यूपी की योगी सरकार ने 11 IAS अफसरों का ट्रांसफर किया है। इनमें 5 जिलों के डीएम बदले गए हैं। अयोध्या, बदायूं, देवरिया, सोनभद्र और औरैया। इससे पहले शनिवार को सरकार ने 10 आईपीएस का ट्रांसफर किया था। अयोध्या में रामपथ धंसने और महंत राजूदास से हॉट-टॉक के बाद चर्चा में आए अयोध्या डीएम नीतीश कुमार का तबादला कर दिया है। वह करीब 3 साल तक अयोध्या के डीएम रहे हैं। नीतीश कुमार को दक्षिणांचल विद्युत निगम का डायरेक्टर बनाया है।

सोनभद्र के डीएम रहे चंद्र विजय सिंह को अयोध्या का नया डीएम बनाया गया है। ​​2012 बैच के IAS चंद्र विजय को लखनऊ की ब्यूरोक्रेसी का करीबी बताया जाता है। औरैया में स्विमिंग पुल विवाद से चर्चा में आईं डीएम नेहा प्रकाश को भी हटा दिया है। उन्हें निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन बनाया है। बदायूं डीएम मनोज कुमार का भी तबादला हुआ है। उनकी जगह प्रतीक्षारत अफसर निधि श्रीवास्तव को बदायूं का डीएम बनाया है। देवरिया डीएम अखंड प्रताप सिंह को भी हटा दिया है। उनके खिलाफ वकील 22 दिन से प्रदर्शन कर रहे थे।

अफसरों के ट्रांसफर की वजह, जो चर्चा में…

अयोध्या में भाजपा की हार के बाद महंत राजूदास ने हार का ठीकरा डीएम पर फोड़ा था। डीएम की राजूदास से हॉट-टॉक हो गई थी। डीएम ने राजू दास की सुरक्षा में तैनात गनर को वापस ले लिया था। इसी बीच पहली बारिश में 13 जगहों पर रामपथ की सड़क धंस गई। इस वजह से सरकार की किरकिरी हुई थी। चर्चा है इसी वजह से डीएम का तबादला किया गया है।

देवरिया के डीएम अखंड प्रताप सिंह का जिले के बार एसोसिएशन अध्यक्ष से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि DM ने बार अध्यक्ष को चेंबर से निकाल दिया था, तभी से वकील उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि डीएम को हटाया जाए। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप भी वकीलों को मनाने पहुंचे थे, लेकिन वकील जिद पर अड़े रहे।

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औरैया डीएम नेहा प्रकाश के खिलाफ PWD के एक्सईएन अभिषेक यादव ने 76 पन्नों शिकायत की थी। इसमें कहा था कि डीएम सरकारी आवास में दबाव डालकर स्विमिंग पूल बनवाना चाह रही हैं। इसके लिए 84 लाख रुपए का रिवाइज्ड बजट पास कराने का दबाव बनाया। डीएम ने भी एक्सईएन के खिलाफ शासन को पत्र लिखा। डीएम और PWD की खींचतान से जिले के काम पर असर पड़ रहा था।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।