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पश्चिम बंगाल राजभवन तक कोलकाता के डॉक्टरों ने किया मार्च

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोलकाता. आरजी कर कांड में सीबीआई की चार्जशीट से असंतुष्ट जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार को राजभवन तक मार्च किया। उसके बाद उनके 11 सदस्यीय प्रतिनिधिदल ने राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। जूनियर डॉक्टरों ने राज्यपाल से मामले में ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया है।

जूनियर डॉक्टरों ने सीबीआई जांच पर उठाए सवाल

गौरतलब है कि सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में अस्पताल में ड्यूटी करने वाले सिविक वालंटियर संजय राय को मुख्य आरोपित बताया है, जबकि जूनियर डॉक्टरों का मानना है कि एक व्यक्ति अकेले इतनी नृशंस वारदात को अंजाम नहीं दे सकता। वहीं, सोमवार को स्वास्थ्य भवन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, ज्वाइंट प्लेटफार्म ऑफ डॉक्टर्स समेत आठ संगठनों की बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत के साथ हुई बैठक विफल रही।

पश्चिम बंगाल में फिर होगा विरोध प्रदर्शन

  • बैठक से निकलकर डॉक्टरों ने बताया कि जूनियर डॉक्टरों की ओर से जो 10-सूत्री मांगें रखी गई हैं, उन्हें पूरा करने को राज्य सरकार की ओर से न तो कोई लिखित आश्वासन दिया गया है और न ही कोई सकारात्मक रवैया दिख रहा है।
  • डॉक्टरों ने बैठक में राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम की अनुपस्थिति पर भी प्रश्न उठाया। इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि मंगलवार को कोलकाता दुर्गापूजा कार्निवल के समय वे भी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
  • इतना ही नहीं, उन्होंने मुख्य सचिव को विरोध प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया है। वहीं मुख्य सचिव ने दावा किया कि जूनियर डॉक्टरों की 10 में से सात मांगों को पूरा कर दिया गया है। बाकी तीन मांगों पर परिस्थितियों के अनुसार विचार किया जाएगा।

जूनियर डॉक्टरों और सचिव की बैठक में नहीं निकला कोई समाधान

बता दें कि जूनियर डॉक्टरों के आमरण अनशन पर बैठने के बाद मुख्य सचिव व डॉक्टरों के बीच यह दूसरी बैठक थी, जिसमें कोई समाधान सूत्र नहीं निकल पाया है। इस बीच डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर धर्मतल्ला इलाके में जूनियर डॉक्टरों का आमरण अनशन सोमवार को 10वें दिन भी जारी रहा।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।