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स्विट्जरलैंड ने नए साल से मुस्लिम महिलाओं के लिए भी बुर्का पहनने पर लगाया प्रतिबंध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

बर्न. हाल ही में स्विट्जरलैंड ने बुर्का जैसी पूरे चेहरे को ढकने वाले कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. यह फैसले के बाद स्विटडरलैंड खासी चर्चाओं में आ गया है. देश में अधिकारिक तौर पर बुर्का पर बैन 1 जनवरी 2025 से शुरू होगा. दरअसल स्विट्जरलैंड सरकार का तर्क है कि यह प्रतिबंध सार्वजनिक सुरक्षा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए जरुरी है. सरकार का मानना है कि पूरे चेहरे ढकने वाले कपड़े पहनने से पहचान छुपाने में आसानी होती है और इससे अपराध बढ़ सकता है. इसके अलावा, सरकार का यह भी मानना है कि यह प्रतिबंध महिलाओं को स्वतंत्रता देने में मदद करेगा क्योंकि उन्हें समाज में एक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए अपने चेहरे को दिखाना होगा. ऐसे में चलिए जानते हैं कि किन देशों में बुर्के पर बैन लगा हुआ है और सबसे पहले ये बैन किस देश ने लगाया था.

जब बात बुर्का बैन की होती है, तो सबसे पहले फ्रांस का नाम सामने आता है. फ्रांस वह पहला देश था जिसने 2010 में अपने संविधान में “बुर्का बैन” को आधिकारिक रूप से लागू किया. यह कानून पूरे फ्रांस में लागू किया गया था और इसके तहत महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर पूरी तरह से चेहरा ढकने वाले परिधान पहनने की अनुमति नहीं थी. फ्रांस के इस कदम का उद्देश्य समानता, महिला अधिकारों, और सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ावा देना था. सरकार ने इसे यह तर्क दिया कि यह कदम महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि बुर्का पहनने को महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ माना गया था. यह बैन फ्रांस की धार्मिक तटस्थता और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी बनाए रखने के लिए लागू किया गया था. हालांकि, फ्रांस में यह कानून विरोधाभासों से भरा रहा और कई धार्मिक और मानवाधिकार संगठनों ने इसका विरोध किया. इन संगठनों का कहना था कि यह कदम धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है और महिलाओं को अपने पहनावे के बारे में निर्णय लेने का अधिकार नहीं देता.

इन देशों में भी है बुर्का बैन

फ्रांस के बाद, बेल्जियम और हॉलैंड जैसे यूरोपीय देशों ने भी बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. 2011 में बेल्जियम ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के चेहरा ढकने वाले परिधान पहनने पर बैन लगा दिया था. इसके बाद, हॉलैंड ने भी 2015 में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसमें स्कूल, अस्पताल, सार्वजनिक परिवहन और सरकारी कार्यालयों जैसी जगहें शामिल हैं. इन देशों के अलावा, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, स्विट्ज़रलैंड, और नॉर्वे ने भी अपनी कुछ कानूनी व्यवस्था के तहत बुर्का बैन लागू किया. इन देशों का मानना है कि महिलाओं का चेहरा ढकना सार्वजनिक पहचान और सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है. हालांकि, यह मुद्दा केवल यूरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य-पूर्व और अफ्रीका में भी बुर्का और नकाब के पहनने पर प्रतिबंध लगाए गए हैं.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।