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पंजाब के किसान ने पटरियों पर किया प्रदर्शन, कई रेल रूट प्रभावित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

चंडीगढ़. आंदोलनकारी किसानों ने दोपहर 12 से शाम 4 बजे कर रेल रोको अभियान का ऐसान किया जिसके चलते कई ट्रेन रूट प्रभावित हुए हैं. अमृतसर-फतेहगढ़ साहिब रूट सहित कई रेलवे रूट्स पर किसान संगठन धरना दे रहे हैं. भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने कहा कि पंजाब-हरियाणा और शंभू बॉर्डर पर किसानों के साथ सरकार अत्याचार हो रहा है, इसी के विरोध में वह रेल रोको अभियान का ऐलान किया गया है.

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सहित कई अन्य मांगों को लेकर कई किसान संगठन फिर से सड़कों पर उतर आए हैं. साल 2021 के जैसे ही, इस साल भी किसान उग्र नजर आ रहे हैं. बुधवार को शंभू बॉर्डर पर किसानों और सुरक्षाबल की टीमों के बीच संघर्ष हुआ. किसानों को काबू करने के लिए ड्रोन की मदद से आंसू-गैस के गोले दागे गए. आंदोलन के चलते कई सड़क मार्ग बंद कर दिए गए थे. अब भारतीय किसान यूनियन ने चक्का जाम का ऐलान किया है. इसके चलते किसान संगठनों ने आज रेल मार्ग पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है.

शंभू बॉर्डर के पास स्थित राजपुरा रेलवे स्टेशन पर किसान संगठन ने रेल रोको अभियान का ऐलान किया था. इसी के तहत कई किसान रेलवे ट्रैक पर धरना देने के लिए बैठ गए हैं. किसानों ने आज दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक रेल रोको अभियान शुरू किया है. पंजाब के अलग-अलग इलाकों में इस अभियान की शुरुआत की गई थी. प्रदर्शन के कारण अमृतसर-फतेहगढ़ साहिब रूट सहित कई अन्य ट्रेन रूट प्रभावित हुआ हैं. मोगा के घलकला रेलवे स्टेशन पर भी महिला और पुरुष किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करके, विरोध प्रदर्शन किया.

कौन से रेल रूट हुए प्रभावित ?

दिल्ली से राजपुर या किसी अन्य रूट से राजपुर की ओर ट्रेन आ रही है तो किसान उसे रोक देंगे. रेलवे ट्रैक के अलावा, किसान प्लेटफॉर्म पर भी प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली-हरियाणा के जो मुख्य रेल मार्ग हैं उनपर किसान प्रदर्शन कर रहे है. यानी एक तरफ किसानों ने दिल्ली-NCR सहित हरियाणा के कई सड़क मार्गों पर धरना देने शुरू किया था, अब वह रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए हैं. बता दें कि पंजाब के राजपुरा रेलवे स्टेशन पर भारतीय किसान यूनियन (उग्राहां) की और से रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन किया जा रहा है.

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क्यों किया रेल रोको अभियान का ऐलान?

चक्का जाम के तहत किसानों ने कई टोल प्लाजा पर भी प्रदर्शन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. वहीं, भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने कहा कि पंजाब-हरियाणा और शंभू बॉर्डर पर किसानों के साथ सरकार अत्याचार कर रही है. वह प्रदर्शनकारियों पर रबर की गोलियों दाग रही है साथ ही लाठीजार्च कर रही है. इसी को देखते हुए किसानों ने रेलगाड़ी रोको अभियान का ऐलान किया है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।