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अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का लिया निर्णय

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. 2 दिन पहले (13 सितंबर) जमानत पर जेल से बाहर आए अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि वे 2 दिन में दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। केजरीवाल आम आदमी पार्टी के दफ्तर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा- ‘भाजपा ने मुझ पर बेईमानी, भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, अब जनता की अदालत में मेरी ईमानदारी का फैसला होगा। दो-तीन दिन में विधायकों की बैठक में नया CM चुना जाएगा। चुनाव तक मैं मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा। मनीष सिसोदिया भी कोई पद नहीं लेंगे, उनका भी यही सोचना है।’

केजरीवाल के दो दिन में इस्तीफा देने के सवाल पर दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा- ‘आज रविवार है, सोमवार को ईद की छुट्‌टी है। वर्किंग डे 17 सितंबर को है। इस वजह से अरविंद ने 2 दिन का समय लिया है।’ 17 सितंबर को ही प्रधानमंत्री मोदी का 74वां जन्मदिन है। वे इस दिन कुछ घंटे गुजरात में रहेंगे फिर ओडिशा जाएंगे।

केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आगे क्या…

  1. मुख्यमंत्री कौन होगा:केजरीवाल ने कहा कि जनता को तय करना है कि केजरीवाल ईमानदार है या बेईमान। चुनाव के बाद जनता ने चुना तो पद पर बैठूंगा। चुनाव होने तक पार्टी दो-तीन दिन में नया मुख्यमंत्री चुनेगी। आतिशी, कैलाश गहलोत, गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज और सुनीता केजरीवाल में से कोई एक मुख्यमंत्री बन सकता है।
  2. केजरीवाल क्या करेंगे:5 अक्टूबर को हरियाणा में वोटिंग है। राज्य में कांग्रेस से AAP का गठबंधन नहीं हुआ है। इसके बाद यहां सभी 90 सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशी उतारे हैं। केजरीवाल का पूरा फोकस अब हरियाणा में चुनाव प्रचार पर होगा। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भी केजरीवाल प्रचार कर सकते हैं।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।