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चुनाव आयोग ने किया महाराष्ट्र व झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. महाराष्ट्र में 20 नवंबर (बुधवार) को एक चरण के तहत विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान होगा, जबकि झारखंड में दो फेज में 13 नवंबर और 20 नवंबर को वोटिंग होगी. यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने मंगलवार (15 अक्टूबर, 2024) को दी. राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन स्थित प्लेनरी हॉल में दोपहर को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान उन्होंने यह भी बताया, “महाराष्ट्र में एक चरण में ही चुनाव होगा. 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि 23 नवंबर, 2024 को मतगणना की जाएगी. झारखंड में दो चरण में मतदान होगा. पहले चरण के तहत 13 नवंबर को तो दूसरे फेज में 20 नवंबर, 2024 को वोट डाले जाएंगे और वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी.”

महाराष्ट्र और झारखंड में कितने वोटर? चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने बताया

चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र में 9 करोड़ 63 लाख वोटर होंगे। यहां 5 करोड़ पुरुष वोटर हैं। यहां एक लाख पोलिंग बूथ पर वोट पड़ेंगे। महाराष्ट्र के हर बूथ पर करीब 960 वोटर होंगे। मुंबई में पोलिंग बूथ बढ़ाए गए हैं। राजीव ने बताया कि झारखंड में 2 करोड़ 60 लाख वोटर हैं। यहां एक करोड़ 31 लाख पुरुष वोटर हैं और एक करोड़ 29 लाख महिला वोटर हैं।  झारखंड में 29 हजार 562 बूथ पर वोट पड़ेंगे। झारखंड के हर बूथ पर 881 वोटर होंगे।

महाराष्ट्र में कितनी विधानसभा सीटें?

महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं, जिसमें बहुमत के लिए 145 सीट चाहिए होती हैं। 2019 के चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54, कांग्रेस को 44 और अन्य को 29 सीटें मिली थीं।

झारखंड में कितनी विधानसभा सीटें?

झारखंड में विधानसभा की 81 सीटें हैं। पिछले चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को 30 सीटें और बीजेपी को 25 सीटें मिली थीं, जबकि 26 सीटें अन्य दलों के खाते में गई थीं। जेएमएम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

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साभार : एबीपी न्यूज़, इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।