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श्रद्धा वॉकर हत्याकांड का आरोपी आफताब पूनावाला लॉरेंस गैंग के निशाने पर आया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली में चर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर आफताब पूनावाला भी है। बता दें कि पूनावाला पर मई 2022 में श्रद्धा वाकर की कथित तौर पर हत्या करने और फिर उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने का आरोप है। सूत्रों की मानें तो मीडिया रिपोर्टों पर संज्ञान लेते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जेल में आफताब पूनावाला के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।

सुरक्षा को लेकर अलर्ट

तिहाड़ सूत्रों ने जानकारी दी है कि जेल प्रशासन मीडिया में चल रही खबरों का संज्ञान लेते हुए श्रद्धा वाकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला की सुरक्षा को लेकर अलर्ट है। आफताब पूनावाला तिहाड़ जेल नंबर-4 में बंद है। तिहाड़ सूत्रों के मुताबिक मुंबई पुलिस से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है लेकिन मीडिया में आई खबरों का संज्ञान लिया है।

तिहाड़ जेल में साजिश

असल मे बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में पकड़े गए आरोपी शिव कुमार गौतम ने पुलिस के सामने ऐसी बात कही है कि वो आफताब को मारना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक, आफताब पूनावाला लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों के निशाने पर है। तिहाड़ जेल में ही आफताब की हत्या की साजिश रची जा रही है।

क्या था श्रद्धा वाकर हत्याकांड?

दिल्ली के छतरपुर इलाके में मई 2022 में श्रद्धा वाकर की हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद किए श्रद्धा के शरीर के 30 से भी ज्यादा टुकड़े कर दिए गए थे। ये घटना तब सामने आई जब श्रद्धा के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा के शरीर के टुकड़ों को फ्रिज में तीन हफ्ते तक रखा गया था और धीरे-धीरे कर के शहर के अनेक इलाकों में फेंक दिया गया था। आफताब पूनावाला इस हत्या का आरोपी है।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।