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भारत ने ‘सागर मंथन-4’ अभियान के अंतर्गत 700 किलो की ड्रग्स की बरामद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अहमदाबाद. गुजरात में ड्रग्स का जखीरा पकड़ा गया। एंटी नारकोटिक्स एजेंसियों को यह सफलता मिली। एंटी नारकोटिक्स एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थ की खेप बरामद की। उन्होंने करीब 700 किलोग्राम मेथमफेटामाइन, जिसे मेथ (Meth) के नाम से भी जाना जाता है जब्त किया। साथ ही इस मामले में 8 ईरानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है। गुजरात एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) और एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने पोरबंदर तट पर ड्रग्स के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया था। यह अभियान गुरुवार की रात से ही समुद्र के बीचों-बीच चल रहा था। इस दौरान जांच एजेंसियों की नजर एक ईरानी बोट पर पड़ी, जिससे ड्रग्स लाया जा रहा था। टीम ने बोट को चारों से घेर लिया।

ईरानी बोट से 700 किलो नशीला पदार्थ बरामद

एटीएस और एनसीबी की टीम ने बोट की जांच की तो उसमें करीब 700 किलो नशीले पदार्थ मिले। एजेंसियों ने नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया और बोट में मौजूद 8 ईरानी नागरिकों को भी गिरफ्तार कर लिया। एनसीबी ने नौसेना और गुजरात एटीएस के साथ मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया।

‘सागर मंथन-4’ अभियान में मिली सफलता

इसे लेकर एनसीबी ने एक बयान जारी कर कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर ‘सागर मंथन-4’ कोड नाम से यह अभियान शुरू किया गया। नौसेना ने अपने समुद्री गश्ती उपकरणों को तैनात करके एक बोट की पहचान की और उसे रोक लिया। बताया जा रहा है कि यह बोट ईरान से भारत आ रहा था।

अमित शाह ने जांच एजेंसियों को दी बधाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के सपने को साकार करते हुए जांच एजेंसियों ने आज गुजरात में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया और लगभग 700 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित मेथ जब्त किया। NCB, भारतीय नौसेना और गुजरात पुलिस द्वारा किया गया संयुक्त अभियान इस सपने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और इसे प्राप्त करने में जांच एजेंसियों के बीच निर्बाध समन्वय का एक शानदार उदाहरण है। इस ऐतिहासिक सफलता के लिए एजेंसियों को हार्दिक बधाई।

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साभार : न्यूज़24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।