बुधवार, सितंबर 09 2026 | 12:22:44 PM

हिन्दू उपमुख्यमंत्री के साथ उमर अब्दुल्ला ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

जम्मू. नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में अब्दुल्ला और उनके मंत्रियों को शपथ दिलाई।

मेंढर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जावेद अहमद राणा, रफियाबाद से जावेद अहमद डार, डीएच पोरा से सकीना इट्टू और नौशेरा से सुरिंदर कुमार चौधरी को भी एलजी सिन्हा ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। सुरिंदर चौधरी ने नौशेरा से भाजपा के रविंदर रैना को हराया है। छंब विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में जगह दी गई।

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। वहीं, JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती, AAP नेता संजय सिंह, CPI नेता डी राजा सहित INDIA गठबंधन के अन्य नेता यहां मौजूद रहे।

कांग्रेस का सरकार से बाहर रहने का फैसला

जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के प्रमुख तारिक हमीद कर्रा ने आज कहा कि कांग्रेस पार्टी फिलहाल जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्रालय में शामिल नहीं हो रही है। कांग्रेस ने केंद्र से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की जोरदार मांग की है, इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भी कई बार सार्वजनिक बैठकों में इसका वादा किया है। लेकिन जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया है। हम नाखुश हैं इसलिए फिलहाल हम मंत्रालय में शामिल नहीं हो रहे हैं, JKPCC प्रमुख ने कहा और कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए लड़ाई जारी रखेगी।

‘2019 के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत जख्म लगे’

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर को बहुत सालों के बाद अपनी एक सरकार मिली है। लोगों ने एक स्थिर सरकार चुनी है। जम्मू-कश्मीर के लिए बहुत मुश्किल दौर है। 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को बहुत जख्म लगे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि जो सरकार बनी है वो सबसे पहले इन जख्मों का मरहम करेगी। 5 अगस्त 2019 के फैसले से जो लोगों को तकलीफ हुई है उसके बारे में सबसे पहले प्रस्ताव पास करें और उस फैसले की निंदा करें।’

रविंदर रैना ने दी बधाई

जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा, ‘उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है और मैं उनके साथ शपथ लेने वाले मंत्रिमंडल को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे जम्मू-कश्मीर की बेहतरी और जम्मू-कश्मीर की शांति और समृद्धि के लिए काम करेंगे। मैं उम्मीद करता हूं कि पिछले 10 सालों में जम्मू-कश्मीर में जो शांति स्थापित हुई है, उसे और मजबूत किया जाएगा ताकि लोगों को लाभ मिल सके। मैं नई सरकार को बधाई देता हूं।’

जम्मू-कश्मीर का नया मंत्रिमंडल

उमर अब्दुल्ला- मुख्यमंत्री
सुरिंदर चौधरी- उपमुख्यमंत्री
सतीश शर्मा- मंत्री
जावेद राणा- मंत्री
सकीना इट्टू- मंत्री
जावेद अहमद डार- मंत्री

साभार : अमर उजाला

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।