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यात्री को प्लेन के टॉयलेट में करनी पड़ी यात्रा, स्पाइसजेट के मांगी माफी, देगी रिफंड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. मुंबई से बेंगलुरु जा रही (Mumbai-Bengaluru Flight) स्पाइसजेट (SpiceJet) की फ्लाइट SG-268 में बीते मंगलवार को एक यात्री टॉयलेट में फंस गया था। यात्री को करीब 100 मिनट की पूरी यात्रा प्लेन के टॉयलेट में बैठकर ही पूरी करनी पड़ी थी। अब इस मामले में एयरलाइन ने यात्री से माफी मांगी है। स्पाइसजेट की ओर से असुविधा झेलने वाले यात्री को पूरा रिफंड किया जाएगा। यह घटना बीते मंगलवार की है। सुबह 2 बजे प्लेन के उड़ान भरने के बाद एक यात्री शौचालय के लिए गया था। शख्स ने शौचालय में जाने के बाद दरवाजा लॉक किया। लेकिन इस दौरान दरवाजा अनलॉक नहीं हुआ। फ्लाइट में तकनीकी दिक्कतों की वजह से एक यात्री करीब 100 मिनट तक टॉयलेट में फंसा रहा। ऐसे में यात्री को पूरा सफर बाथरूम के अंदर बैठकर ही करना पड़ा।

मदद के लिए क्रू मेंबर पहुंचे

बाथरूम में फंसे यात्री की मदद के लिए क्रू मेंबर वहां मौजूद रहे। क्रू और अन्य यात्रियों ने बाहर से दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन उनकी सारी कोशिशों पर पानी फिर गया। उन्होंने शख्स को हाथ से लेटर लिखकर उसकी हिम्मत बढ़ाने का काम किया। उस लेटर में उन्होंने लिखा कि, ‘सर हमने दरवाजा खोलने की पूरी कोशिश की मगर नहीं खोल पाएं। आप घबराइए मत, हम कुछ ही समय में नीचे उतर जाएंगे। इस नोट में यात्री को निर्देश दिए गए कि वो कमोड का ढक्कन बंद करके उस पर बैठ जाए और इंजीनियरों द्वारा मैन गेट खोलने तक खुद को सुरक्षित करने का निर्देश दिया।

तोड़ना पड़ा दरवाजा

फ्लाइट जब सुबह 3.42 बजे बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी तो इंजीनियर विमान में पहुंचे। इस दौरान बिना समय बर्बाद किए टॉयलेट में फंसे यात्री को बाहर निकालने के लिए दरवाजा तोड़ा गया। स्पाइसजेट ने अभी तक इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया था। वहीं यात्री की पहचान भी सामने नहीं आई है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।