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तमिलनाडु के विरुधुनगर में पटाखा फैक्‍ट्री में भीषण व‍िस्‍फोट, 9 की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

चेन्नई. तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के वेम्बाकोट्टई में शनिवार (17 फरवरी) को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया. इस हादसे में फैक्ट्री में काम करने वाले 9 मजदूरों की मौत हो गई है जबक‍ि 6 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. पटाखा फैक्ट्री मुथुसामीपुरम इलाके में स्थित थी. हादसा स्‍थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है.

घटना की सूचना म‍िलते ही मौके पर फायर टेंडर और आपातकालीन सेवाओं को रवाना कर द‍िया गया था. वहीं, स्‍थानीय पुल‍िस और प्रशासन भी हादसा स्‍थल पर बचाव कार्य में जुटा है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, सभी घायलों को फिलहाल शिवकाशी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां पर उनका इलाज चल रहा है. आग की सूचना मि‍लने के बाद शिवकाशी, एजयरामपन्नई और वेम्बक्कोट्टई फायर स्टेशनों से फायर टेंडर रवाना की गईं थी ज‍िन्‍होंने कड़ी मशक्‍कत के बाद आग पर काबू पाया.

पटाखा फैक्ट्री में करते हैं 150 से ज्यादा मजदूर

जानकारी के मुताब‍िक, पटाखा फैक्ट्री में 74 कमरे बताए हैं ज‍िसमें 150 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. फैक्ट्री में हर रोज मजदूर पटाखे बनाने का काम करते हैं. रोजाना की तरह शन‍िवार को भी मजदूर इस काम में जुटे हुए थे.

हादसे से पहले फैंसी पटाखों को ठीक करने में जुटे थे मजदूर

बताया जाता है क‍ि दोपहर के वक्‍त मजदूर एक कमरे में फैंसी पटाखों को ठीक करने के काम में लगे हुए थे. इस दौरान कुछ रगड़ लगने की वजह से च‍िंगारी उठी और अचानक विस्फोट हो गया. इस विस्‍फोट में पटाखा यून‍िट के चार कमरे उड़ गए. व‍िस्‍फोट में लोगों के शव भी क्षत व‍िक्षत हो गए ज‍िनको पुल‍िस ने बरामद कर ल‍िया है. हादसे में रमेश, करुप्पासामी, अभयज, मुथु, अंबिका, मुरुगाजोथी और शांता समेत कुल 9 लोगों की मौत हुई है.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।