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अभिनेत्री अक्षरा सिंह के कार्यक्रम में भीड़ ने किया पथराव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. अक्षरा सिंह भोजपुरी सिनेमा की टॉप एक्ट्रेस में से एक माने जाते हैं। अक्सर उनसे जुड़ी खबरों का बाजार काफी गर्म रहता है। लेकिन इस बीच अक्षरा सिंह को लेकर जो खबर सामने आ रही है, उसे जानकारी काफी हैरानी होने वाली है। बताया जा रहा है कि बिहार औरंगाबाद के दाउद नगर में अक्षरा सिंह एक इवेंट के दौरान जमकर बवाल मचा है, जिसके चलते बेकाबू भीड़ ने खूब पत्थरबाजी की है और बदले में पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा है।

अक्षरा सिंह के इवेंट में खूब हुआ हंगामा

मिली जानकारी के मुताबिक 17 जनवरी को अक्षरा सिंह दाउद नगर में एक शोरुम के उद्घाटन में शामिल होने के लिए पहुंची है। अक्षरा सिंह के आने की खबर जैसे ही सूबे में फैली तो भारी तादाद में उनके फैंस का जमावड़ा लग गया है। लेकिन हुआ ये कि इस इवेंट में अक्षरा सिंह करीब फ्लाइट लेट होने की वजह से 18 घंटे देरी से पहुंची और सर्दी के मौसम में इतनी देर से उनका इंतजार कर रहे फैंस भी गुस्से में आ गए है। बताया जा रहा है कि जैसे अक्षरा सिंह दाउद नगर पहुंची तो उन्होंने कुछ गाने गाए और अपने फैंस को एंटरटेन किया।

लेकिन थोड़ी देर बाद इस इवेंट का माहौल बदल गया और एक्ट्रेस के साथ सेल्फी लेने की वजह से फैंस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और जो लोग पहले से ही गुस्से में थे, उन्होंने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसको कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज कर एक्शन लेना पड़ा।

बाल-बाल बचीं अक्षरा सिंह

इवेंट में कटे बवाल में अक्षरा सिंह बाल-बाल बची हैं। पत्थरबाजी होता देख उनकी टीम और मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने एक्ट्रेस को कवर किया और इस हंगामे से उनको बचाया। अक्षरा के कार्यक्रम में हुई इस घटना को लेकर सुर्खियों काफी तेज हैं, हालांकि इस मामले पर अभी तक भोजपुरी अदाकारा की तरफ से कोई भी रिएक्शन सामने नहीं आया है।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।