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टीएमसी कार्यालय से हुआ था राम नवमी यात्रा पर पथराव : भाजपा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में राम नवमी के मौके पर शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा मामले में एनआईए जांच की मांग की गई है. भाजपा ने मुर्शिदाबाद हिंसा की एनआईए जांच की मांग की है. इतना ही नहीं, भाजपा ने आरोप लगाया है कि मुर्शिदाबाद में शोभायात्रा के दौरान रामभक्तों पर टीएमसी दफ्तर से हमला किया गया. बता दें कि मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर स्थित शक्तिपुर इलाके में बुधवार की शाम को राम नवमी की शोभायात्रा के दौरान झड़प और हिंसा हुई, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए.

दरअसल, मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर इलाके में जब राम नवमी की शोभायात्रा निकाली जा रही थी, तभी पत्थरबाजी शुरू हो गई और लोगों को छतों से पथराव करते देखा गया. नौबत यह आ गई कि पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा. इतना ही नहीं, रामनवमी की शोभा यात्रा के दौरान विस्फोट भी हुआ, जिसमें एक महिला घायल हो गई. हालांकि, अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि विस्फोट बम से हुआ या किसी अन्य कारण से धमाका हुआ. इतना ही नहीं, मेदिनीपुर में भी राम नवमी पर हिंसा की खबर है.

भाजपा का आरोप है कि रेजीनगर में हिंदू श्रद्धालुओं को निशाना बनाया गया. इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजुमदार ने कहा कि मुर्शिदाबाद में राम भक्तों पर टीएमसी के नेताओं ने टीएमसी पार्टी ऑफिस से हमला किया. इस मामले की एनआईए जांच हो, जैसे पिछली बार राम नवमी हिंसा मामले में कोर्ट के आदेश पर एनआईए की जांच हुई. उन लोगों का भी ट्रीटमेंट किया, इनका भी करेंगे.

क्या है मामला

दरअसल, यह घटना बुधवार शाम शक्तिपुर इलाके में हुई, जब एक समूह राम नवमी के मौके पर जुलूस का नेतृत्व कर रहा था. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें इस इलाके में लोग अपनी छतों से शोभायात्रा पर पथराव करते दिख रहे हैं. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े. पुलिस ने आगे कहा कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और क्षेत्र में अतिरिक्त बल भेजा गया है.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।