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लम्बे इंतजार के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्म सिंह सैनी की भाजपा में वापसी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पूर्व कैबिनेट मंत्री धर्म सिंह सैनी फिर से भाजपा में वापस आ गए। भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। उनके साथ नगर निगम वार्ड 53 की पार्षद शांता पुंडीर, पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर व सहारनपुर के पूर्व जिला मंत्री भाजपा ओमपाल सिंह भी शामिल हुए।

सपा में हुए थे शामिल, मिली थी हार

धर्म सिंह लंबे समय तक भाजपा में रहे लेकिन 13 जनवरी 2022 को भाजपा को छोड़कर साइकिल पर सवार हो गए थे। वह नकुड़ विधानसभा का चुनाव भी लड़े लेकिन हार गए। सपा से बात नहीं बनी और 30 नवंबर 2022 को ही सपा छोड़ दी। इसके बाद भाजपा में शामिल होने का प्रयास चलता रहा लेकिन बात नहीं बन सकी। काफी लोग उनका विरोध भी कर रहे थे। कुछ समय बाद वापसी की संभावना बनी और खतौली के विधानसभा उपचुनाव में उनके पार्टी में वापसी की तय हो गई थी लेकिन विरोध के चलते उन्हें आधे रास्ते ही वापस लौटना पड़ा था।

भूपेंद्र सिंह से भेंट के बाद वापसी का रास्ता खुला

हालांकि अब जब भाजपा सैनी वोटों के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी प्रचार के लिए बुलाती रही है तो फिर धर्म सिंह का भी रास्ता साफ हो गया। दो दिन पहले प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह से भेंट हुई उसके बाद क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया ने उनकी वापसी आसान बनाई। धर्म सिंह चार बार सहारनपुर की सरसावा और नकुड़ से विधायक रहे हैं। वह याेगी कैबिनेट में आयुष विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे हैं। विभाग में गड़बड़ी के मामले में उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।