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बसपा ने मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए घोषित किया प्रत्याशी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने कमर कस ली है. इसी कड़ी में बसपा ने रविवार (18 अगस्त) को मिल्कीपुर सुरक्षित सीट के लिए प्रभारी प्रत्याशी का नाम घोषित कर दिया है. रामगोपाल कोरी को मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है. बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने जानकारी दी है. रामगोपाल कोरी को 2017 में केवल 46 हजार वोट मिले थे. वह चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे.

उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी, सपा, बहुजन समाज पार्टी समेत सभी राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है. लोकसभा चुनाव की तरह ही उपचुनाव में भी बहुजन समाज पार्टी अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी रण में उतरने की तैयारी में जुट गई है. बसपा सुप्रीमो इस उपचुनाव को गंभीरता से लेते हुए मिल्कीपुर सीट से रामगोपाल का अपना प्रत्याशी बनाया है.

मिल्कीपुर सीट पर तैयारियां तेज

मिल्कीपुर सीट से विधायक रहे सपा नेता अवधेश प्रसाद इस बार सपा के सांसद चुने गए हैं, जिसके बाद से यह सीट खाली है. इस सीट पर अब उपचुनाव होना है. मिल्कीपुर सीट सपा, बीजेपी और बसपा तीनों के लिए अहम है. तो वहीं सपा ने इस सीट से अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद पर भरोसा जताया है. बीजेपी राम मंदिर निर्माण के बाद भी अयोध्या के फैजाबाद लोकसभा सीट पर मिली हाल का बदला लेने, जिसको लेकर बीजेपी भी तैयारियों में जुट गई है.

मिल्कीपुर उपचुनाव में एक मुकाबला सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बीच भी है. क्योंकि सपा ने अवधेश प्रसाद, जो इस सीट से विधायक थे, उनको अपना प्रभारी बनाया है. तो वहीं बीजेपी की तरफ से सीएम योगी मिल्कीपुर की कमान संभालेंगे.

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कटेहरी विधानसभा सीट से बसपा ने इस नेता को बनाया प्रभारी

इससे पहले बसपा ने अंबेडकर नगर की कटेहरी विधानसभा सीट से अमित वर्मा को अपना चुनाव प्रभारी नियुक्त किया था. ऐसा माना जाता है कि जिसे भी किसी सीट से प्रभारी नियुक्त किया जाता है तो वही पार्टी का उम्मीदवार होता है. ऐसे में ये माना जा रहा है कि कटेहरी विधानसभा सीट से अमित वर्मा ही उम्मीदवार होंगे. अमित वर्मा बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके नाम पर मुहर लगा था. कटेहरी सीट सपा नेता लालजी वर्मा के सांसद बनने के बाद खाली है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।