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किसानों ने पंजाब में शुरू किया रेल रोको आंदोलन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई थी, वह सभी मसलों को सुलझाने में नाकाम रही है, ऐसे में दोनों मोर्चों ने अब कमेटी से न मिलने का फैसला किया है. इस बीच पंजाब में किसानों ने तीन घंटे के लिए रेल रोको आंदोलन की शुरुआत की है. आज (18 दिसंबर) दोपहर 12 बजे से 3 बजे पूरे पंजाब में किसान रेल रोक रहे हैं. इस रेल रोको का आह्वान मंगलवार को ही किया गया था. पंढेर ने पंजाब की जनता से इसमें शामिल होने की भी अपील की थी. सरवन सिंह पंढेर ने कहा, ”कल खनौरी बॉर्डर पर दोनों मोर्चों ने देश के सामने यह बात रखी कि जो सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाई थी, वह कमेटी समय पर सभी मसलों को सुलझाने में नाकाम रही. डल्लेवाला साहेब ने खुद दोनों फॉर्मों को चिट्टी लिखी. अब दोनों मोर्चों का निर्णय है जो हमने पहले भी ईमेल के जरिए बताया था.”

कमेटी से आखिर क्यों नहीं मिलेंगे किसान?

मोर्चों ने बताया कि किन वजहों से हम कमेटी से मिलने असमर्थ हैं, जो वार्ता होगी वह केंद्र सरकार से होगी. ये कमेटी बनी थी, जब एक पीआईएल डाली दी गई थी. तभी हाई कोर्ट ने कहा था कि रास्ता खोलिए, प्रशासन से दो दौर की बात हुई. हमने भी कहा था कि रास्ता खोलिए हमें आपत्ति नहीं थी. हरियाणा सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी. हमारी ओर से मांग पत्र दे आई और पक्ष रख आए  थे. जिस तरह से डल्लेवाल साहेब की सेहत बिगड़ रही है. हमने कमेटी से मिलने में असमर्थता जाहिर की है.”

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।