लोड हो रहा है...

कोयला लदी मालगाड़ी के 25 डिब्बे पटरी से उतरने के कारण रेल यातायात हुआ प्रभावित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. वृंदावन रेलवे स्टेशन से करीब 800 मीटर आगे एक मालगाड़ी के 25 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं. यह मालगाड़ी कोयला लेकर जा रही थी. यह घटना शाम तकरीबन 8 बजे हुई है. इसकी वजह से उस रूट का पूरा यातायात प्रभावित हुआ है. इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. वृंदावन रेलवे स्टेशन मथुरा जिले में आता है. यह एक प्रमुख रेल रूट है जिससे गाड़ियां पश्चिम की ओर जाती है. इसमें हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और यूपी के कुछ हिस्से आते हैं.

खबरों के अनुसार, ट्रेन का कोयला चारों तरफ फैल गया है. रास्ता क्लियर करने का काम किया जा रहा है. बचाव दल मौके पर पहुंच गया है. इसमें इंजन सहित 59 कोच लगे हुए थे. मिली जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना दिल्ली-मुंबई लाइन पर हुई है.

इस रूट पर कर्नाटक एक्सप्रेस करीब 2 घंटे की देरी से चल रही है. इससे करीब 15 ट्रेनें प्रभावित हुई हैं. आगरा के डीआएरम तेज प्रकाश अग्रवाल ने कहा है कि अप-डाउन दोनों लाइन और इसके अतिरिक्त तीसरी एक लाइन पर भी ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है. उन्होंने बताया कि चौथी लाइन से ट्रेनें चल रही हैं. इस घटना के पीछे की वजह क्या है इस पर कुछ कहने से उन्होंने इनकार कर दिया.

इन ट्रेनों का बदला रूट
12920, 12622, 12472, 12416, 12912, 12754, 12722, 22942, 11841, 12628, 19020, 12156

बिहार में भी दुर्घटना

बिहार के मुजफ्फरपुर में इसी तरह की एक घटना सामने आई है. वहां भी मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए हैं. इस हादसे  में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. यह घटना नारायणपुर अनंत स्टेशन के पास की है. ट्रेन के 4 डिब्बे पटरी से उतरे हैं. इससे करीब 13 ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है. इसके अलावा 3 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है. टर्मिनेट की गई ट्रेनों में भागलपुर – मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस और समस्तीपुर – सीवान पैसेंजर शामिल है.

- Advertisement -

साभार : न्यूज़18

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।