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सैन्य अभ्यास ‘मालाबार 2024’ का समापन समारोह

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

सैन्य अभ्यास ‘मालाबार 2024’ का समुद्री चरण 18 अक्टूबर 24 को विशाखापत्तनम में संपन्न हुआ। इस सैन्य अभ्यास के इस संस्करण में युद्धपोतों की उनके अभिन्न हेलीकॉप्टर, लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान और पनडुब्बी के साथ भागीदारी देखी गई। इकाइयों ने सतह, उप-सतह और वायु युद्ध के क्षेत्र में जटिल और उन्नत अभ्यासों में हिस्सा लिया। प्रमुख अभ्यासों में सतह से हथियार फायरिंग, एंटी-एयर शूट, वायु रक्षा अभ्यास, पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास, जहाज से चलने वाले हेलीकाप्टरों के व्यापक संचालन, टैंकरों से ईंधन भरने और समुद्री मार्गों पर अवैध गतिविधियों को रोकने और नियंत्रित करने वाली कार्रवाइयों सहित समुद्री युद्ध कौशल के विकास से संबंधित अभ्यास शामिल थे।

सैन्य अभ्यास मालाबार 2024 के समुद्री चरण ने समुद्री क्षेत्र में समझ, सहयोग और जुड़ाव को बेहतर करने की दिशा में भाग लेने वाले देशों की कटिबद्धता के लिए एक प्रमाण के रूप में काम किया है, जबकि विश्व इस समय बढ़ती हुई जटिल समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है।

यह समुद्री चरण एक समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ, जिसमें समुद्री चरण के परिचालन पहलुओं की समीक्षा करना शामिल थी और इसने सभी हिस्सा लेने वाले देशों की नौसेनाओं को अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करके आपस में बातचीत करने और विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाया।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।