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खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में 8 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में सोमवार देर रात सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें कम से कम 9 आतंकवादी और 8 सुरक्षाकर्मी मारे गए। यह मुठभेड़ खैबर जिले के तिराह मैदान घाटी में चलाए गए एक आतंकवाद-रोधी अभियान के दौरान हुई। सूत्रों के अनुसार, इस अभियान के दौरान लश्कर-ए-इस्लाम के दो महत्वपूर्ण कमांडर भी मारे गए। मुठभेड़ में 7 सुरक्षाकर्मी और 6 आतंकवादी घायल हुए हैं। सुरक्षाबलों ने तीन अलग-अलग बिंदुओं पर अपनी तैनाती की थी और कई घंटों तक यह अभियान जारी रहा। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि इस अभियान में आस-पास के कुछ नागरिक भी घायल हो गए हैं। सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज किया है। इस मुठभेड़ में हुई मौतों और घायलों की संख्या बढ़ भी सकती है, क्योंकि अभियान जारी है।

विदेशी राजनयिक के काफिले को बनाया था निशाना

दरअसल, पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आये दिन ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं। पिछले महीने चीन, रूस और कई देशों के राजनयिक पर भी आतंकियों ने हमला किया था। आतंकियों ने विदेशी राजनयिक के काफिले को निशाना बनाया था, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई थी। हालांकि, हमले में विदेशी राजनयिक को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा था।

इससे पहले स्टेशन पर हुआ था आत्मघाती बम विस्फोट

कुछ दिन पहले पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक स्टेशन पर आत्मघाती बम विस्फोट को अंजाम दिया गया था, जिसमें मेन टारगेट सुरक्षाकर्मी थे। हमले में 17 सुरक्षाकर्मी और कई नागरिक मारे गए थे। मारे गए ज्यादातर लोग पाकिस्तान सेना के ट्रेनिंग ऑफिसर थे, जो अपनी ट्रेनिंग पूरी कर अपने घर जा रहे थे। हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली थी। इसे मानव बम के जरिए अंजाम दिया गया था।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।