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अश्लील कंटेंट पब्लिश करने के आरोप में केंद्र सरकार ने ब्लॉक किए 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने देश में 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया. इन सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अश्लील कंटेंट प्रकाशित करने का आरोप है. सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने बुधवार को लोकसभा में यह जानकारी दी. मुरुगन ने कहा कि 2021 के आईटी नियम के तहत इन 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म के ऊपर कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने विभिन्न मध्यस्थों के साथ समन्वय में कार्रवाई की है और इन प्रावधानों के तहत अश्लील, अश्लील और कुछ मामलों में अश्लील सामग्री प्रकाशित करने के लिए 14 मार्च 2024 को 18 ओटीटी प्लेटफार्मों को ब्लॉक कर दिया.

आईटी नियम के तहत हुई कार्रवाई

शिवसेना उद्धव गुट के सदस्य अनिल देसाई के एक सवाल के जवाब में मुरुगन ने कहा कि 2021 के आईटी नियम के तहत इन 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म के ऊपर कार्रवाई की गई है. नियम डिजिटल मीडिया पर समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड सामग्री (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों के लिए आचार संहिता का भी प्रावधान करते हैं. एक अन्य सवाल के जवाब में मुरुगन ने कहा कि डिजिटल समाचार प्रकाशकों के लिए आचार संहिता के अनुसार ऐसे प्रकाशकों को भारतीय प्रेस परिषद के ‘पत्रकारिता आचरण के मानदंड’ (Norms of Journalistic Conduct), केबल टेलीविज़न (नेटवर्क विनियमन अधिनियम, 1995) के तहत कार्यक्रम संहिता का पालन करना आवश्यक है.

एक अन्य सवाल के जवाब में मुरुगन ने कहा कि यूट्यूब न्यूज चैनल बोलता हिंदुस्तान और नेशनल दस्तक सहित डिजिटल मीडिया पर समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशक आईटी नियम, 2021 के प्रावधानों के अंतर्गत आते हैं, जिसके भाग-III में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (आईटी अधिनियम, 2000) की धारा 69ए के तहत कवर की गई सामग्री को ब्लॉक करने के लिए निर्देश जारी करने का प्रावधान है, जिससे कोई भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न कर सके.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।