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भ्रष्टाचार के आरोप में दिल्ली विधानसभा सचिव सस्पेंड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. गृह मंत्रालय ने दिल्ली में बड़ा एक्शन लिया. यहां दिल्ली विधानसभा सचिव एवं डीएएनआईसीएस कैडर के अधिकारी राज कुमार को गृह मंत्रालय ने रानी झांसी फ्लाईओवर से संबंधित कथित अनियमितताओं के एक मामले में निलंबित कर दिया. इस मामले में दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा के अधिकारी राज कुमार ने गृहमंत्री की की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पुराने मामले में निलंबन पर अपना रुख स्पष्ट करने का मौका नहीं दिया गया.

राज कुमार ने कहा कि मुझे अपने निलंबन के संबंध में गृह मंत्रालय का आदेश मिल गया है। यह एक पुराना मामला है और मुझे अपना पक्ष रखने का कोई मौका नहीं दिया गया, इसलिए मेरे पास अब कहने के लिए और कुछ नहीं है. ऐसे मे गृह मंत्रालय ने बीते 16 अप्रैल को जारी आदेश के मुताबिक कुमार के खिलाफ ‘अनुशासनात्मक कार्रवाई’ हो रही है.

क्या है मामला?

दरअसल, सिविल सेवा प्राधिकरण ने सितंबर 2023 में दिल्ली सरकार के सीनियर अधिकारियों के एक पैनल की सिफारिशों के बाद दिल्ली विधानसभा सचिव के निलंबन की सिफारिश की थी. हालाकि,  राज कुमार को DANICS को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. बता दें कि, राज कुमार का निलंबन 1.8 किलोमीटर लंबे रानी झाँसी फ्लाईओवर के निर्माण से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर हुआ, जो उत्तरी दिल्ली में फिल्मिस्तान सिनेमा हॉल को सेंट स्टीफंस अस्पताल से जोड़ता है.

भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते हुई देरी

इसके साथ ही 724 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस फ्लाईओवर में भ्रष्टाचार के आरोपों और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं के कारण देरी हुई. लगभग 20 सालों की देरी के बाद, फ्लाईओवर को 2018 में सार्वजनिक उपयोग के लिए खोल दिया गया था. इस नई रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2022 में एक लोकपाल पीठ ने केंद्रीय सतर्कता आयोग से सभी उपलब्ध दस्तावेजों और चल रहे अदालती मामलों पर विचार करने और जिम्मेदारी तय करने और फ्लाईओवर परियोजना से जुड़े अतिरिक्त भुगतान की वसूली करने को कहा था.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।