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JNU में गर्माया माहौल: प्रोफेसर पर 10 से अधिक छात्रों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, ICC कर रही जांच

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
नई दिल्ली । रविवार, 6 सितंबर 2026
राजधानी दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक बार फिर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर के खिलाफ कम से कम 10 से 11 छात्रों और छात्राओं ने यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) तथा अनुचित व्यवहार के आरोप लगाते हुए लिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं। यह मामला विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee – ICC) के समक्ष विचाराधीन है और समिति ने इस पर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

कैसे शुरू हुआ मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विवाद की शुरुआत करीब एक महीने पहले हुई थी जब एक छात्र/छात्रा ने प्रोफेसर के खिलाफ पहली शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद, मामले ने तूल पकड़ा और कुछ अन्य वरिष्ठ छात्रों तथा पूर्व छात्रों (Alumnae) ने भी प्रोफेसर के खिलाफ अपने समान और चिंताजनक अनुभवों को साझा किया।
धीरे-धीरे शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़कर 10 से 11 तक पहुंच गई, जिसके बाद प्रशासन और जांच समिति एक्शन मोड में आ गई।

शिकायतों में क्या हैं मुख्य आरोप?

छात्रों द्वारा ICC को सौंपी गई शिकायतों में प्रोफेसर के आचरण पर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं:
  • आवास पर बुलाकर अनुचित व्यवहार: कुछ शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि प्रोफेसर ने छात्रों को अकादमिक चर्चा या कार्य के बहाने कैंपस स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलाया और वहां उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।
  • कक्षाओं में आपत्तिजनक टिप्पणियां: कई छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रोफेसर कक्षाओं और लेक्चर्स के दौरान लगातार आपत्तिजनक, द्वैअर्थी और यौन संकेत देने वाली टिप्पणियां करते थे।

जांच की वर्तमान स्थिति और पुलिस शिकायत

फिलहाल, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है। ICC नियमानुसार शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज कर रही है और संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
  • पहचान रखी गई गुप्त: नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी प्रोफेसर और शिकायतकर्ताओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
  • पुलिस में मामला नहीं दर्ज: उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अभी तक इस मामले में अलग से कोई पुलिस प्राथमिकी (FIR) या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
  • आधिकारिक बयान का इंतजार: JNU प्रशासन और ICC ने जांच प्रक्रिया जारी होने के कारण अभी तक कोई विस्तृत अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. JNU में किस मामले की जांच चल रही है?
Ans: JNU के एक प्रोफेसर पर 10 से अधिक छात्र-छात्राओं ने यौन उत्पीड़न और कक्षाओं में अनुचित टिप्पणियां करने के आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच विश्वविद्यालय की ICC कर रही है।
Q2. क्या आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज हुई है?
Ans: नहीं, वर्तमान में मामला विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) द्वारा ही निपटाया जा रहा है और पुलिस में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
Q3. कार्यस्थल और विश्वविद्यालयों में यौन उत्पीड़न शिकायतों की जांच कौन करता है?
Ans: शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थलों पर POSH (Prevention of Sexual Harassment) अधिनियम के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ऐसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करती है।

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध प्राथमिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच JNU की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) द्वारा की जा रही है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, किसी भी पक्ष पर दोष साबित नहीं माना जा सकता।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।