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पुलिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर मुकदमा दर्ज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. महिला डॉक्टर से बलात्कार और हत्या मामले पर सीबीआई की जांच जारी है. इसी बीच कोलकाता पुलिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के साथ धारा 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है. संदीप घोष पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. संदीप घोष पर वित्तीय अनियमितता के आरोप, अवैध कमीशन के ज़रिए पैसे वसूलने और निविदाओं में हेरफेर का आरोप लगा है.

ममता सरकार ने दिया बड़ा आदेश

आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर लगे आरोपी की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है. इस दौरान उनके कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय लेन-देन की जांच की जाएगी. ममता सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है. विशेष जांच दल जनवरी 2021 से अब तक की अवधि में वित्तीय अनियमितताओं की जांच करेगा. इस टीम का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी और पुलिस महानिरीक्षक डॉक्टर प्रणव कुमार करेंगे. इस टीम में उनके अलावा मुर्शिदाबाद रेंज के डीआईजी वकार रजा, सीआईडी ​​के डीआईजी सोमा दास मित्रा और कोलकाता पुलिस की डीसीपी इंदिरा मुखर्जी हैं.

संदीप घोष का पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती है सीबीआई

सीबीआई जल्द ही आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का पॉलीग्राफ टेस्ट करा सकती है. पूछताछ के दौरान अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष ने सीबीआई को संतोषजनक जवाब नहीं दिया था. सीबीआई ने संदीप घोष का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से पहले सभी कानूनी कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सीबीआई को इसके लिए अदालत से भी हरी झंडी लेनी होगी.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।