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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद विक्रांत मैसी की ‘द साबरमती रिपोर्ट’ को राजस्थान सरकार ने भी टैक्स फ्री कर दिया है. ये फिल्म गोधरा कांड पर बनी है जिसे एकता कपूर ने बनाया है. फिल्म जबसे रिलीज हुई है तबसे चर्चा में बनी हुई है. चलिए बताते हैं फिल्म के बारे में डिटेल. राजस्थान सरकार ने फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” को कर-मुक्त करने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ‘‘हमारी सरकार ने “द साबरमती रिपोर्ट” फिल्म को राजस्थान में कर-मुक्त (टैक्स फ्री) करने का सार्थक निर्णय लिया है.’’

‘द साबरमती रिपोर्ट’ राजस्थान में टैक्स फ्री

सीएम ने कहा कि, ‘‘यह फिल्म इतिहास के उस भयावह काल-खंड को यथार्थ रूप में दर्शाती है, जिसे कुछ स्वार्थी तत्वों ने अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए विकृत करने का कुत्सित प्रयास किया. यह फिल्म न केवल तत्कालीन व्यवस्था की वास्तविकता को प्रभावशाली रूप से उजागर करती है, बल्कि उस समय के भ्रामक एवं मिथ्या प्रचार का भी खंडन करती है. इस दुर्भाग्यपूर्ण एवं हृदय विदारक घटना को फिल्म में अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है.’’

फिल्म की तारीफ की

उन्होंने कहा, ‘‘यह फिल्म इसलिए भी अवश्य देखी जानी चाहिए क्योंकि अतीत का गहन एवं विवेचनात्मक अध्ययन ही हमें वर्तमान को समझने और भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है.’’

फिल्म के बारे में

अभी तक साबरमती रिपोर्ट फिल्म को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी टैक्स फ्री कर दिया गया है. वहीं, विक्रांत मैसी अभिनीत ‘द साबरमती रिपोर्ट’ को लेकर पीएम मोदी, अमित शाह से लेकर जेपी नड्डा तक तारीफ कर चुके हैं. मालूम हो, यह फिल्म 27 फरवरी, 2002 को गोधरा स्टेशन (गुजरात) के पास साबरमती एक्सप्रेस के एस 6 कोच में आग लगने की घटना पर आधारित है.

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साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।