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ईडी ने बिटकॉइन घोटाले में गौरव गुप्ता के ठिकानों पर छापेमारी की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. बिटकॉइन घोटाले में ईडी ने रायपुर में गौरव गुप्ता के ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी 2018-19 में हुए बिटकॉइन सकैम में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है. गौरव गुप्ता की एनसीपी नेता सुप्रिया सुले और कांग्रेस नेता नाना पटोले के साथ बातचीत का ऑडियो और स्क्रीटशॉट वायरल हो गया है. बीजेपी ने ऑडियो और स्क्रीनशॉट जारी किए हैं. ईडी अमित भारद्वाज और उसके परिवार के खिलाफ इस साल आरोपपत्र दाखिल की है.

दरअसल इस सकैम का मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज नाम का शख्स था, जिसने बिटकॉइन में इन्वेस्टमेंट के नाम पर स्कैम किया था, जिसमें सैकड़ों इन्वेस्टर के साथ धोखाधड़ी की गई. बिटकॉइन में इन्वेस्ट कर हर महीने 10 परसेंट रिटर्न्स का वादा किया गया था. इस तरह 2017 में 6600 करोड़ की कीमत के बिटकॉइन इकठ्ठा कर लिए गए. अमित भारद्वाज इस स्कैम करने के बाद दुबई भाग गया था,लेकिन उसे वापस भारत डिपोर्ट कर दिया गया था. अमित भारद्वाज कि साल 2022 में हार्ट अटैक से मौत हो गयी थी.

शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पर लगे हैं आरोप

इसी स्कैम में शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म खोलने के नाम पर 285 बिटकॉइन अमित भारद्वाज ने दिए थे. इन बिटकॉइन की कीमत उस वक्त करीब 150 करोड़ रुपये थी. इस मामले में करीब 40 एफआईआर महाराष्ट्र और पंजाब में दर्ज हुई थी. इस मामले की जांच के लिए पूर्व आईपीएस और साइबर एक्सपर्ट रविन्द्र नाथ को भी जांच टीम में लिया गया था. आरोप है कि उस वक्त के पुणे पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता और एक आईपीएस भाग्य श्री ने बिटकॉइन के इन वॉलेट को हथिया लिया था. और बदले में वो बिटकॉइन वॉलेट रख दिये गए जिनमे पैसे नही थे.

रविंद्र नाथ गुप्ता ने गिरफ्तारी के बाद खोला था राज

इस स्कैम में रविंद्र नाथ को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. रविंद्रनाथ को जब जेल भेजा गया था तो उस समय गौरव मेहता ने इस मामले में गवाही दी थी. गौरव मेहता में इस मामले में महत्वपूर्ण किरदार हैं. रविन्द्र नाथ का दावा है कि उसे गौरव मेहता ने फोन पर बताया था कि आपको अमिताभ गुप्ता और भाग्यश्री ने फंसाया है. आरोप लगा कि बिटकॉइन को जो असली वॉयलेट वो उनके पास है और उस पर एक लेयर है. नाना पटोले के साथ-साथ सुप्रिया सुले भी शामिल हैं. इस मामले में ED ने शिम्पी भारद्वाज, नितिन गौड़ और निखिल महाजन को गिरफ्तार किया था. शिंपी भारद्वाज अमित भारद्वाज के भाई अजय भारद्वाज की पत्नी है. इसके लिए सबूत के रूप में ऑडियो क्लिपिंग भेजे गए. इनका 2019 और 2024 में इस्तेमाल हुआ.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।