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सांस लेने की समस्या के कारण जगद्गुरु रामभद्राचार्य अस्पताल में भर्ती

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

देहरादून. जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य (Swami Rambhadracharya) को सांस लेने में समस्या होने के कारण उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मंगलवार शाम को प्रयागराज से उन्हें एयरलिफ्ट कर यहां लाया गया. अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ कमल गर्ग ने बताया कि डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रही है. स्वामी रामभद्राचार्य को मंगलवार शाम सांस लेने में कठिनाई होने लगी थी. जिसके बाद उन्हें तुरंत देहरादून लाया गया. बल्लूपुर चौक स्थित सिनर्जी अस्पताल में उनका इलाज जारी है. अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि उनकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है.

इस साल यह दूसरी बार है कि स्वामी रामभद्राचार्य को श्वास संबंधी समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी माह में भी उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक कथा के दौरान उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. जिसके बाद उन्हें तुरंत देहरादून स्थित सिनर्जी अस्पताल में ही लाया गया. हालांकि बाद में यहां से दिल्ली स्थित एम्स में भी उन्हें ले जाया गया था. जिसके बाद वह स्वस्थ हो गए थे.

पिछली बार मिले थे निमोनिया के लक्षण

पिछली बार देहरादून के अस्पताल में भर्ती होने के दौरान डॉक्टरों ने स्वामी रामभद्राचार्य के स्वास्थ्य परीक्षण में निमोनिया के लक्षण पाए थे. हालांकि उपचार के बाद वे स्वस्थ होकर वापस लौटे थे. उस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) और उनके शिष्य बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लेने आए थे.

जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का परिचय

जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य भारतीय हिंदू आध्यात्मिक गुरु, संस्कृत विद्वान, कवि और लेखक हैं. वह रामचरित मानस के रचयिता तुलसीदास की स्मृति में चित्रकूट स्थित तुलसी पीठ के संस्थापक हैं. उनका योगदान आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र में विशेष रूप से सराहनीय है. गौरतलब है कि उन्हें कई श्लोक कंठस्थ हैं.

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साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।