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प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या पर आयोजित हुई टाटा मुंबई मैराथन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. मर्यादापुरुषोत्तम श्री राम चन्द्र जी की जन्मस्थली अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर मुंबई में ‘TATA मुंबई मैराथन’ का आयोजन रविवार को किया गया। इसमें कानपुर की समाज सेवी संस्था ‘पावन गंगा सेवा संस्थान’ के 4 सदस्यों ने इसमें प्रतिभाग किया। धावकों ने संदेश देते हुए कहा कि आज के समय में सभी को स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है।

42 किलो मीटर की थी दौड़

यह मैराथन करीब 42 किलो मीटर की थी। इसमें करीब 5 हजार से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया था। इसमें सभी धावक, लोगों को स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित करते हुए चल रहे थे। यहां पर युवाओं के बीच में एक गजब का उत्साह देखने को मिला था। ‘पावन गंगा सेवा संस्थान’ रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करते चल रही थी। लोगों को रक्तदान करने के फायदों से अवगत करा रहे थे।

रक्तदान महादान का दिया संदेश

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समिति के महामंत्री पवन त्रिवेदी ने कहा कि यहां पर लोगों को बताया कि रक्तदान महादान है। एक लोगों के रक्तदान करने से 4 लोगों की जिंदगी को बचाया जा सकता है। रक्तदान करने से शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। बल्कि आपके शरीर में नया खून बनता है और नई ऊर्जा का संचार होता है। हर स्वस्थ्य व्यक्ति हर तीन माह में रक्तदान कर लोगों को जीवनदान दे सकता है।

टीम में शामिल थे यह लोग

रक्त दानी पवन त्रिवेदी के अलावा अजय शर्मा, ऋषि शुक्ला और अभिषेक त्रिपाठी भी इस मैराथन में शामिल हुए। कानपुर शहर, पावन गंगा सेवा संस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रमोद कुमार गुप्ता, रोहित त्रिपाठी भी टीम का उत्साह वर्धन करने के लिए साथ में उपस्थित रहें। टीम के सदस्यों ने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हम सबके लिए बड़े गर्व की बात है। इस क्षण का सिर्फ अनुभव ही कर सकते है। उन्होंने कहा कि भविष्य में कानपुर से अयोध्या धाम 250km तक दौड़ का भी आयोजन किया जायेगा।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।