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जापानी नौसेना के 2 हेलीकॉप्टर दक्षिण प्रशांत महासागर में दुर्घटनाग्रस्त, 1 की मौत, 7 लापता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

टोकियो. जापानी नौसेना में बड़ा हादसा हुआ है। सामने आ रही जानकारी के अनुसार जापानी नौसेना के दो हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण के दौरान टोकियो के दक्षिण में दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। यह दुर्घटना प्रशांत महासागर में हुई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग अभी लापता है। लापता लोगों की तलाश में नौसेना के जवान जुटे हैं। देश के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शनिवार रात प्रशिक्षण के दौरान दोनों हेलीकॉप्टर एक दूसरे से टकरा गए। इन हेलीकॉप्टर में चालक दल के आठ सदस्य सवार थे।

रक्षा मंत्री मिनोरू किहारा ने संवाददाताओं को बताया कि समुद्री आत्मरक्षा बल (एमएसडीएफ) के दो एसएच-60के हेलीकॉप्टर में चालक दल के चार-चार सदस्य सवार थे और शनिवार देर रात तोक्यो से लगभग 600 किलोमीटर दक्षिण में तोरीशिमा द्वीप के पास उनसे संपर्क टूट गया। किहारा ने बताया कि इस हादसे का कारण अभी पता नहीं चला है लेकिन दोनों हेलीकॉप्टर संभवत: आपस में टकराने के बाद पानी में गिरे।

डेटारिकॉर्डर और हेलीकॉप्टर के टुकड़े बरामद

उन्होंने कहा कि बचावकर्मियों ने एक उड़ान डेटा रिकॉर्डर, प्रत्येक हेलीकॉप्टर से एक ब्लेड और एक ही क्षेत्र में दोनों हेलीकॉप्टर के टुकड़े बरामद किए हैं, जो संकेत देते हैं कि दोनों एसएच-60के एक-दूसरे के करीब उड़ रहे थे। अधिकारी यह पता लगाने के लिए उड़ान संबंधी डेटा का विश्लेषण करेंगे कि दुर्घटना का कारण क्या था। एमएसडीएफ ने चालक दल के लापता सदस्यों की तलाश और बचाव के लिए आठ युद्धपोत और पांच विमान तैनात किए। सिकोरस्की द्वारा विकसित और सीहॉक्स के नाम से जाने जाने वाले इन हेलीकॉप्टर में दोहरे इंजन थे। इनमें ‘मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज’ ने बदलाव किया था और इनका निर्माण किया था।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।