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आम आदमी पार्टी लड़ेगी जम्मू व कश्मीर विधानसभा चुनाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. आम आदमी पार्टी (AAP) ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. पार्टी के जम्मू कश्मीर के प्रभारी इमरान हुसैन (Imran Hussain) ने कहा कि जिन सीटों पर आम आदमी पार्टी का संगठन मजबूत है, उन्हीं सीटों पर आप चुनाव लड़ेगी. चुनाव को लेकर इमरान हुसैन ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात की.

इमरान हुसैन ने बैठक की जानकारी ‘एक्स’ पर देते हुए लिखा, ”जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र श्रीनगर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाक़ात कर आगामी रणनीतियों पर चर्चा की. जम्मू-कश्मीर की जनता इस बार बदलाव चाहती है, जनता इस बार केजरीवाल मॉडल के लिए वोट करने को तैयार है. आम आदमी पार्टी पूरी मज़बूती से चुनावी मैदान में जनता के हक़ के लिए आवाज़ बुलंद करेगी.”

जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद चुनाव

जम्मू-कश्मीर में 10 साल के बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस बार बदली हुई परिस्थिति में चुनाव होंगे क्योंकि जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा हटाकर इसे केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है और साथ ही लद्दाख इससे अलग हो चुका है. जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव कराए जाने की घोषणा की गई है. पहले चरण का चुनाव 18 सितंबर को कराया जाएगा.

तीन चऱणों में होंगे चुनाव

दूसरे चरण का चुनाव 25 सितंबर और तीसरे चरण का चुनाव 1 अक्टूबर को कराया जाएगा. मतों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी. पहले चरण में अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम, रामबन, किश्‍तवाड़ और डोडा जिले की 24 सीट पर मतदान होना है जिसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. ऐसा में माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी भी जल्द प्रत्याशियों के नाम का ऐलान करेगी.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।