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52 करोड़ में नीलाम हुआ टेप से चिपका केला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. इस दुनिया में आर्ट की बहुत कद्र की जाती है क्योंकि हर कोई अच्छा आर्टवर्क नहीं कर सकता है। आपने ऐसी कई नीलामी देखी होगी जिसमें एक से बढ़कर एक आर्टवर्क को पेश किया गया होगा और लोगों ने उसे खरीदने के लिए मुंह मांगी कीमत दी होगी। लेकिन क्या आपने कभी ऐसी नीलामी देखी जिसमें किसी ने एक केले के लिए करोड़ों की कीमत चुकाई होगी। हैरान हो गए, ऐसी एक निलामी अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुई है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं।

52 करोड़ रुपए में बिका यह आर्टवर्क

अमेरिका के न्यूयॉर्क के सोथबी ऑक्शन हाउस में एक नीलामी हुई है जिसके बारे में जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। आपने आज तक एक केले के लिए अधिकतर कीमत कितनी दी होगी? 4 रुपए, 5 रुपए में आपने एक केला तो खरीद ही लिया होगा लेकिन क्या आपने कभी किसी को केले के लिए 52 करोड़ रुपए देते हुए देखा है। दरअसल न्यूयॉर्क में एक आर्टवर्क की नीलामी हुई है। वहां मौरिजियो कैटेलन के आर्टवर्क जिसका नाम ‘कॉमेडियन’ रखा गया है, उसके लिए एक शख्स ने 5.2 मिलियन डॉलर की अंतिम बोली लगाई और अब वो अंतिम भुगतान के तौर पर 6.2 मिलियन डॉलर यानी 52 करोड़ रुपए चुकाएगा। दीवार पर डक्ट-टेप से चिपके केले वाला आर्टवर्क बहुत फेमस है और इसी कारण उसकी इतनी महंगी नीलामी हुई है।

35 सेंट में केले को खरीदा था

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑक्शन हाउस में निलामी के लिए उस केले को उस दिन 35 सेंट में खरीदा गया था जो इतना महंगा बिका है। आपको बता दें कि जेन हुआ ने जस्टिन सन की तरफ से उस आर्टवर्क के लिए अंतिम बोली लगाई। आपको यह भी बता दें कि केले के आर्टवर्क की नीलामी 8 लाख अमेरिकी डॉलर से शुरू हुई जो बाद में इतने ज्यादा पर जाकर खत्म हुई।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।