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पाकिस्तान में शिया मुसलमानों पर हमला कर की 50 लोगों की हत्या, सुन्नी मुसलमानों पर शक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में 50 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला खैबर पख्तूनख्वा के डाउन कुर्रम इलाके में यात्री वाहनों पर हुआ है। हमले में एक पुलिस अधिकारी और महिलाओं समेत दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं। जानकारी के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आतंकियों ने शिया मुस्लिम नागरिकों को ले जा रहे यात्री वाहनों पर गोलीबारी की है। यह क्षेत्र में हाल के वर्षों में इस तरह का सबसे घातक हमला है।

बढ़ सकती है मृतकों की संख्या

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्य सचिव नदीम असलम चौधरी ने बताया कि गुरुवार को उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के एक कबायली इलाके में बंदूकधारियों ने यात्री वाहनों पर गोलीबारी की। चौधरी ने बताया कि कुर्रम कबायली जिले में हुए इस हमले में मरने वालों में एक महिला और एक बच्चा भी शामिल है। उन्होंने कहा, “यह एक बड़ी त्रासदी है और मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है।”

शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच तनाव

अफगानिस्तान की सीमा से लगे कबायली इलाके में भूमि विवाद को लेकर शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच दशकों से तनाव बना हुआ है। किसी भी समूह ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। जानकारी के मुताबिक “यात्री वाहनों के दो काफिले थे, एक पेशावर से पाराचिनार और दूसरा पाराचिनार से पेशावर यात्रियों को ले जा रहा था, तभी हथियारबंद लोगों ने उन पर गोलीबारी की।” चौधरी ने बताया कि उनके रिश्तेदार काफिले में पेशावर से यात्रा कर रहे थे।

राष्ट्रपति जरदारी ने की निंदा

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस घटना की कड़ी निंदा की और मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। पीपीपी ने एक्सृ पर एक पोस्ट में कहा कि निर्दोष यात्रियों पर हमला करना कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है। पार्टी ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।