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जर्मनी में बेकाबू कार ने 70 लोगों को रौंदा, 60 से अधिक हुए गंभीर रूप से घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

बर्लिन. जर्मनी में एक बेकाबू कार का आतंक देखने को मिला. ये कार इतनी रफ्तार में थी कि इसने एक बाजार में 70 से ज्यादा लोगों को रौंद दिया. इस  घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 60 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. ये घटना क्रिसमस सेलिब्रेशन से कुछ दिन पहले हुई है. ऐसे में स्थानीय पुलिस इस घटना की जांच एक संदिग्ध आतंकी हमले के तौर पर भी कर रही है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर ये गलती से हुई या फिर ये जानबूझकर किया गया है. जर्मनी पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी है.यह हादसा जर्मनी के मागदेबर्ग शहर में हुआ है.

क्रिसमस की शॉपिंग करने को लेकर बाजार में थी भीड़

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जर्मनी के इस बाजार में जब बेकाबू तेज रफ्तार कर ने लोगों को रौंदा तो उस दौरान क्रिसमस की शापिंग के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मौजूद थी. इस वजह से ही इस घटना में ज्यादा लोगों को चोटें आई हैं. घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका फिलहाल इलाज चल रहा है.

जानबूझकर मारी गई टक्कर?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शुरुआती जांच में जो बात निकलकर सामने आई है उसके मुताबिक आरोपी ने जानबूझकर लोगों को टक्कर मारी है. उसका मकसद से ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने का था. बताया जा रहा है कि इस घटना में जितने लोग घायल हैं उनमें से 15 की हालत सबसे गंभीर है.

आरोपी कार चालक को हुआ गिरफ्तार

जर्मनी पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस फिलहाल आरोपी से पूरे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा है कि हमने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. अब फिलहाल किसी और तरह का कोई खतरा नहीं है. आम जनता बैगर किसी डर के अब कहीं भी आ जा सकती है.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।