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चीन की 44 नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर, एक हजार से अधिक स्कूल बंद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बीजिंग. चीन में भारी बारिश और बाढ़ आने की संभावना है। इसका असर दिखने भी लगा है। दक्षिण चीन के कई शहरों में 16 अप्रैल से हो रही तेज बारिश के चलते पानी भर गया है। 44 से ज्यादा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सिंगापुर की नेशनल न्यूज एजेंसी CNA के मुताबिक बाढ़ के कारण अब तक 11 से ज्यादा लोग लापता हैं। वहीं भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 6 लोग घायल हो चुके हैं। हालांकि, किसी के हताहत होने की अभी कोई खबर नहीं है।

लोकल प्रशासन लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू मिशन चला रहा है। अब तक 80 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है। इमरजेंसी सेवाएं अलर्ट मोड पर हैं। बाढ़ के चलते अब तक 165 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। चीन के राष्ट्रीय मौसम विभाग के मुताबिक 21 अप्रैल की शाम को साउथ चीन के तटीय क्षेत्रों से एक तूफान टकराया है, जिसके कारण चीन में सदी की सबसे बड़ी बाढ़ आ सकती हैं। माना जा रहा है कि इस तूफान से लगभग 12 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। मौसम विभाग ने पहले ही इस तूफान को लेकर चेतावनी जारी कर दी थी।

चीन में हर 50 साल में एक बार ऐसी बाढ़ आती है। गुआंग्डोंग में प्रशासन इमरजेंसी मोड की तैयारी में है। इसके अलावा जियांग्शी और फुजियान में मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना जताई है।

अगले आदेश तक स्कूल बंद

तूफान का असर झाओकिंग, शोगुआन, क्विंगयुआन और जियांगमेन शहरों पर भी दिखने लगा है। यहां 12 घंटों से भारी बारिश हो रही है। झाओकिंग के पूरे शहर में बिजली गायब है। तीन प्रांतों में अगले आदेश तक 1 हजार से ज्यादा स्कूलों को बंद कर दिए गया है। शहर में मोबाइल सिग्नल भी गायब हो गए है। गुआंग्डोंग में किंगयुआन और शोगुआन में सेना को मदद के लिए भेजा गया है। गुआंग्डोंग में 27 हाइड्रोलॉजिकल स्टेशन अलर्ट पर है। यहां बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हो रही है। इससे पहले जून 2022 में चीन में इतनी भीषण बाढ़ आई थी।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।