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दिल्ली सहित देश के कई शहरों में बढ़े सीएनजी के दाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली और आस पास के शहरों में सीएनजी की कीमतों में इजाफा हो गया है. दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर और रेवाड़ी में सीएनजी के दाम एक रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं. शनिवार (22 जून) सुबर छह बजे से नए रेट लागू होंगे. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने कीमतों में इजाफा करने का फैसला लिया है.

नई रेट की डिटेल

  • राजधानी दिल्ली में अभी तक सीएनजी की कीमत 74.09 थी जो 22 जून से बढ़कर 75.09 हो जाएगी.
  • नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में अभी तक कीमत 78.70 रुपये प्रति किलो थी जो बढ़कर 79.70 रुपये हो जाएगी
  • गुरुग्राम में कोई बदवाल नहीं किया गया है
  • रेवाड़ी में 78.70 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 79.70 रुपये प्रति किलो नया रेट होगा
  • करनाल और कैथल में कोई बदलाव नहीं किया गया है
  • मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली में 79.08 पैसे से बढ़कर नई कीमत 80.08 रुपये प्रति किलो हो जाएगी
  • अजमेर, पाली और राजसमंद में 81.94 रुपये से बढ़कर नई कीमत 82.94 रुपये प्रति किलो होगी.

पुरानी रेट

  • गुरुग्राम में सीएजी की कीमत 80.12 रुपये प्रति किलो है
  • कानपुर में कीमत 81.92 रुपये प्रति किलो है
  • फतेहपुर में कीमत 81.92 रुपये प्रति किलो है
  • बांदा में कीमत 81.92 रुपये प्रति किलो है
  • चित्रकूट में कीमत 81.92 रुपये प्रति किलो है
  • हापुड़ में कीमत 78.70 रुपये प्रति किलो है

दिल्ली और आस पास के शहरों में ऑटो और कैब बड़ी संख्या में सीएनजी पर चलते हैं. इससे पहले मार्च में आईजीएल में दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में प्रति किलो 2.50 रुपये की कटौती की थी.

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दिल्ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, करनाल और कैथल में भी सीएनजी के दाम कम किए गए थे. कटौती के बाद दिल्ली में एक किलो सीएनजी 74.09 रुपये की हो गई थी जो पहले 76.59 रुपये थी. नोएडा में एक किलो सीएनजी की कीमत 78.70 रुपये हो गई थी जो पहले 81.20 रुपये थी. ऐसे ही गुरुग्राम में एक किलो सीएनजी की कीमत अब 80.12 रुपये हो गई थी जो पहले 82.62 रुपये थी.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।