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बीएसएफ ने आरएस पुरा सेक्टर सीमा पर घुसपैठिए को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जिले में सेना ने एक बहुत बड़े आतंकवादी साजिश को नाकाम कर दिया है. आरएस पुरा सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे घुसपैठिये को धर दबोचा. सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद भी किए हैं. BSF की ओर से बयान जारी कर बताया गया, ‘आधी रात को बीएसएफ के जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी. उन्होंने एक घुसपैठिए को आरएस पुरा सीमा क्षेत्र में बीएसएफ बाड़ की ओर आते देखा. जवानों तुरंत एक्शन लेते हुए घुसपैठ के प्रयास को विफल कर दिया.’

बयान के अनुसार, सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है, जिसमें दो पिस्तौल, दो मैगजीन, 20 9एमएम राउंड, एक एके राइफल, दो मैगजीन और 17 राउंड शामिल हैं. विधानसभा चुनावों को देखते हुए नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा सहित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. तीन चरणों में से एक चरण का चुनाव हो चुका है और दो का होना बाकी है. मतगणना 8 अक्टूबर को होगी. हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच कई मुठभेड़ें हुई हैं, जिनमें कई आतंकवादी और उनके कमांडर मारे गए हैं. पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ बढ़ाने के लिए सर्दियों के आने और बर्फबारी से दर्रे बंद होने से पहले हथियारों की खेप भेजने की कोशिश कर रहा है. जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार गिराने की भी कई घटनाएं हुई हैं.

बीएसएफ के जवानों ने हाल के दिनों में हथियारों के कई जखीरे बरामद किए हैं और सीमा पार आतंकवादियों और उनके आकाओं के मंसूबों को नाकाम किया है. सेना, नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिशों को रोकने के लिए सतर्क है, लेकिन आतंकवादी अब पहले के शांत क्षेत्रों जैसे चिनाब घाटी, उधमपुर और कठुआ को निशाना बना रहे हैं जो कुछ साल पहले तक आतंकवाद से मुक्त थे. आतंकवादी वाहनों पर घात लगाकर हमला कर रहे हैं तथा ग्रेनेड और कवच-भेदी गोलियों के साथ-साथ एम4 असॉल्ट राइफलों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. कश्मीर में लगातार जारी आतंकवाद विरोधी अभियानों ने आतंकवादियों को पहाड़ों की ओर धकेल दिया है.

साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।