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अमेरिका ने 2 नेवी पायलटों को मारी गोली, दोनों सुरक्षित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिका द्वारा अपने ही 2 नेवी पायलटों को गलती से गोली मारने की घटना सामने आई है. शुक्र है कि दोनों पायलट बच गए हैं, हालांकि उनमें से एक पायलट को मामूली चोटें आई हैं. अमेरिकी नेवी के एक युद्धपोत ने ‘गलती से’ एफ/ए-18 लड़ाकू विमान को मार गिराया जिसमें दो पायलट सवार थे.  अमेरिकी सेना ने रविवार को यह जानकारी दी है. सेना ने बताया कि ये दोनों पायलट जीवित हैं और उनमें से एक पायलट को मामूली चोटें आई हैं लेकिन यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी और यूरोपीय सैन्य गठबंधन की गश्त के बावजूद हूती विद्रोहियों की ओर से पोतों पर लगातार हमलों के कारण लाल सागर गलियारा कितना खतरनाक हो गया है.

लड़ाकू विमान को मार गिराने की यह घटना उस समय हुई जब अमेरिकी सेना ने यमन के हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे. अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने यह नहीं बताया कि यह घटना किस मिशन के दौरान हुई. मध्य कमान ने एक बयान में कहा, ”निर्दिष्ट मिसाइल युद्धपोत यूएसएस गेटीसबर्ग, यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है. इस युद्धपोत ने एफ/ए-18 पर गलती से गोलाबारी की और उसे मार गिराया.  एफ/ए-18, यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन से उड़ान भर रहा था.”

दुश्‍मन का विमान समझने की गलती कैसे की?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गेटीसबर्ग ने एफ/ए-18 को शत्रु विमान या मिसाइल समझने की गलती कैसे की जबकि युद्ध के दौरान पोत रडार और रेडियो संचार दोनों से जुड़े रहते हैं. मध्य कमान ने कहा कि युद्धपोतों और विमानों ने हूती विद्रोहियों द्वारा दागे गए कई ड्रोन और एक पोती-रोधी क्रूज मिसाइल को मार गिराया था.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।