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पार्सल ब्लास्ट का मुख्य आरोपी सहित एक सहयोगी भी गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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अहमदाबाद. गुजरात पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने अहमदाबाद जिले के साबरमती ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साबरमती में शनिवार को गुजरात हाई कोर्ट के वकील को पार्सल भेजा गया था। जिसको खोलने पर ब्लास्ट हुआ था। मुख्य आरोपी की पहचान रूपेन बारोट के तौर पर हुई है। बम बनाने में मदद करने वाले रोहन रावल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से दो पार्सल बम बरामद किए हैं। एक पिस्टल और 5 कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच कर रही है। ब्लास्ट के बाद मुख्य आरोपी रूपेन और उसका साथी फरार हो गए थे। लेकिन पुलिस ने 24 घंटे में ही उनका सुराग लगा लिया। पुलिस को शनिवार सुबह सूचना मिली थी कि साबरमती इलाके में एक पार्सल में धमाका हुआ है। जिसके बाद मामले की जांच अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, एटीएस और पुलिस टीम कर रही थी। DCP भरत राठौड़ के अनुसार जांच टीमों को आरोपी रूपेन के घर से बम बनाने का सामान मिला है।

इस बात से खफा था रूपेन

मामला सामने आने के बाद पुलिस को लगा था कि इसके पीछे पारिवारिक विवाद हो सकता है। इस मामले में पुलिस ने सबसे पहले गौरव गधवी को अरेस्ट किया था। रूपेन ने पूर्व पत्नी के भाई से बदला लेने के लिए साजिश रची थी। रूपेन अपने डिवोर्स के लिए साले बलदेवभाई को जिम्मेदार मानता था। जिसके बाद उसने कई लोगों के साथ मिलकर साले को ठिकाने लगाने का प्लान तैयार किया। शिवम रो हाउस में पार्सल गौरव के हाथ भिजवाया गया था। लेकिन पार्सल को बलदेवभाई की जगह उनके भाई ने खोला था। ब्लास्ट में वे घायल हो गए थे, जिनको इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। गुजरात पुलिस ने गौरव को अरेस्ट किया तो उसने पूरा राज खोल दिया था।

साभार : न्यूज24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।