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राजा भैया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के छुए पैर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में देश-विदेश के करीब आठ हजार लोग पहुंचे थे. प्राण प्रतिष्ठा का समारोह हो गया है लेकिन इन सबके बीच एक व्यक्ति की चर्चा अभी जारी है. उनकी चर्चा के पीछे की वजह एक तस्वीर को बताया जा रहा है. इस तस्वीर में गोंडा विधायक राजा भैया भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंचे हुए थे. उन्होंने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर खुशी जाहिर की है.

दरअसल, राजा भैया जब रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लेने के बाद मंदिर परिसर में सामने से सीएम योगी आदित्यनाथ आ रहे थे. इस दौरान सीएम योगी का उन्होंने झुककर पैर छूआ. अब इसका वीडियो सामने आया है और वो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि राजा भैया का सीएम योगी को लेकर हमेशा से रुख नरम माना जाता रहा है. उन्होंने कई मौकों पर योगी सरकार की जमकर तारीफ की है.

सम्मान देख चौंक गए सब
लेकिन प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान राजा भैया का सीएम योगी को लेकर ये सम्मान जिसने भी देखा वो चौंक गया. राजा भैया जब सीएम योगी का पैर छूते हैं तो मुख्यमंत्री उन्हें आशीर्वाद देते हैं. इसके बाद दोनों एक-दूसरे का हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार करते हैं और आगे बढ़ जाते हैं. इससे पहले प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिलने के बाद जब राजा भैया अयोध्या पहुंचे थे तो उन्होंने कहा था कि अयोध्या की पहचान भगवान श्रीराम से है.

विधायक ने कहा था, ‘भगवान श्रीराम जबतक तंबू में रहे तब तक हमलोगों के लिए बहुत ही खेद और कलंक की बात थी. अब मंदिर का निर्माण हो रहा है. सड़कें भी चौड़ी हो गई हैं और रोड़ लाइट लग गई है.’ राम मंदिर से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, ‘ये सवाल बहुत खतरना है और हिंदुओं की आस्था पर ये चोट है. ये प्रश्न कतई नहीं करना चाहिए, अगर ये प्रश्न होता है तो क्या मस्जिद से पेट भरेगा.’

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।