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छठे चरण की वोटिंग से पहले पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में फिर भड़की हिंसा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में छठे चरण की वोटिंग से पहले फिर बवाल हुआ है. नंदीग्राम में बुधवार की रात को हिंसा की आग भड़की है. इस हिंसा के बाद बंगाल की सियासत गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि बुधवार की रात टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके वर्कर्स पर हमला किया. इस हमले में उनकी एक महिला कार्यकर्ता की मौत हो गई है और आठ लोग घायल हुए हैं.

दरअसल, नंदीग्राम में चुनाव से दो दिन पहले भारी बवाल हुआ है. आरोप है कि बुधवार की देर रात नंदीग्राम में भाजपा कर्मियों पर टीएमसी के लोगों ने हमला कर दिया. इस हमले के विरोध में भाजपा ने रोड बंद कर प्रदर्शन किया. यह घटना नंदीग्राम के सोनाचूड़ा की है. मृत महिला का नाम राखीबाला आड़ी है, जो भाजपा की कार्यकर्ता बताई जा रही है. इस हमले के बाद नंदीग्राम थाने का सामने भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठे.

बीजेपी नेता रथिन माइती ने कहा कि एक धर्म विशेष के लोगों से सोनाचूड़ा इलाके में हिन्दू परिवारों पर हमला कराया गया. इसलिए हम पथ अवरोध कर रहे हैं. अभिषेक बनर्जी ने यहां आकर उकसावे वाली बातें कहीं. इसी के बाद यह हमला हुआ है. हालांकि, टीएमसी ने भाजपा के आरोपों को खारिज किया है. टीएमसी नेता शेख सूफियान का कहना है कि यह बीजेपी का आपसी कलह है. इससे टीएमसी का कुछ लेना देना नहीं है. बता दें कि बुधवार को ही इलाके में अभिषेक बनर्जी ने जनसभा की थी.

बता दें कि नंदीग्राम तमलुक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में आता है. जहां 25 मई को वोटिंग होगी. तमलुक लोकसभा में तमलुक, पंसकुरा पुरबा, नंदकुमार, महिसादल, मोयना, हल्दिया-एससी और नंदीग्राम सहित सात विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।