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पाकिस्तान में कई जगह होंगी भारत विरोधी जाकिर नाइक की सभाएं

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. भारत से भगोड़ा घोषित जहरीली जुबान का सौदागर जाकिर नाइक को पाकिस्तान ने अपना मेहमान बना लिया है। जाकिर नाइक के स्वागत में पाकिस्तान के कराची से लेकर लाहौर और इस्लामाबाद तक स्वागत की तैयारी है। इन शहरों में जाकिर नाइक लिए यह जहरीला मंच सजाया गया है, जहां से वह भारत के खिलाफ विष उगल सके। बता दें कि इस्लामिक उपदेशक भारत के खिलाफ विभिन्न मंचों पर जहरीले बोल बोलने के लिए जाना जाता है। इसीलिए उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, जिसमें भारतीय पुलिस को उसकी तलाश है।

इन दिनों जाकिर नाइक के मलेशिया में होने की सूचना है। वहां से पाकिस्तान ने उसे अपने तीन शहरों में कार्यक्रम के लिए मेहमान बनाया है। बता दें कि पाकिस्तान ने भारत के दुश्मन को 15 दिनों के लिए अपने देश बुलाया है। यहां उसका 5 से 20 अक्टूबर तक लगातार कार्यक्रम है। जाकिर नाइक हाल ही में वक्फ बोर्ड को लेकर भी भारत सरकार की आने वाली नीति का विरोध किया था। वह अक्सर सभी मंचों पर भारत की बुराई करने के लिए कुख्यात है। मगर उसे भारत आने से डर लगता है। अभी एक कार्यक्र में जाकिर नाइक ने कहा था कि भारत आना आसान है, लेकिन वहां से वापस लौटना बेहद मुश्किल। इसलिए मैं भारत नहीं जाता। जाहिर है कि जाकिर को यह पता है कि वह भारत की पुलिस के हत्थे जिस दिन चढ़ गया, उसका बखूबी इलाज होगा।

पाकिस्तान में ये है जाकिर के कार्यक्रम की रूपरेखा

भारत के दुश्मन जाकिर नाइक का पाकिस्तान के कराची में 5 और 6 अक्टूबर को पब्लिक टॉक के नाम से पहला कार्यक्रम है। इसके बाद उसका दूसरा प्रोग्राम लाहौर में 12 व 13 अक्टूबर को है। आखिरी आयोजन इस्लामाबाद में रखा गया है, जो 19 और 20 अक्टूबर को होगा। जाकिर नाइक के साथ मंच साझा करने के लिए शेख फारूख नाइक भी है। बता दें कि जाकिर नाइक को पाकिस्तान के किसी निजी संगठन ने नहीं, बल्कि सरकार ने यह निमंत्रण भेजा है। यानि वह पाकिस्तान सरकार के निमंत्रण पर कराची और इस्लामाबाद में कार्यक्रम करेगा।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।