रविवार, सितंबर 13 2026 | 03:36:43 PM

फूलपुर से सपा प्रत्याशी मुज्तबा सिद्दीकी ने किया नामांकन, कांग्रेस ने किया था दावा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. फूलपुर विधानसभा उप चुनाव के लिए सपा प्रत्याशी मुज्तबा सिद्दीकी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। वह बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना पर्चा दाखिल किया। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद उन्होंने अपनी जीत का दावा किया। कहा कि फूलपुर उप चुनाव में इंडिया गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा और जीत हासिल करेगा। उनके साथ हंडिया से सपा विधायक हाकिमलाल बिंद, एमएलसी मान सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

सपा प्रत्याशी के नामांकन में हंगामा, पुलिस से धक्का-मुक्की

कचहरी में नामांकन के दौरान सपाइयों ने नामांकन कक्ष के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। नामांकन कक्ष के भीतर प्रत्याशी के साथ निर्धारित संख्या में ही लोगों को अंदर जाने की अनुमति थी। आरोप है कि सपा प्रत्याशी के साथ बड़ी संख्या में लोग कक्ष में घुसने का प्रयास करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। यह बात सपाइयों को नागवार गुजरी और वह पुलिस को औकात में रहने की धमकी देने लगे। अंदर नहीं जाने देने पर सपाइयों ने जमकर हंगामा किया। इसको लेकर गहमागहमी की स्थिति बनी रही।

फूलपुर सीट पर कांग्रेस ने ठोकी है दावेदारी

फूलपुर विधानसभा उप चुनाव के लिए बतौर सपा प्रत्याशी मुज्तबा सिद्दीकी ने भले ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया, लेकिन कांग्रेस ने अभी इस सीट से अपनी दावेदारी छोड़ी नहीं है। कांग्रेस किसी भी दशा में फूलपुर सीट अपने पाले में लेना चाहती है इसको लेकर सपा और कांग्रेस के बीच बातचीत चल रही है। सूत्रों की मानें तो मुज्तबा सिद्दीकी ने सपा प्रत्याशी के तौर पर भले ही नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है, लेकिन अभी उनको सिंबल नहीं मिला है। सूत्रों की मानें तो बाजी कभी भी पलट सकती है और यह सीट कांग्रेस के खाते में भी जा सकती है।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।