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सपा नेता रफी खान निकला जाली नोटों की तस्करी का मास्टरमाइंड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कुशनीगर में जाली नोटों के कारोबार का भंडाफोड़ हो गया है। पुलिस ने 10 आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रफी खान भी शामिल हैं। कुशीनगर में पिछले काफी समय से जाली नोटों का धंधा चल रहा था। वहीं रफी खान इसके मास्टरमाइंड थे। जाली नोटों के कारोबार का नेटवर्क न सिर्फ यूपी बल्कि नेपाल और बिहार समेत कई बॉर्डर इलाकों में फैला हुआ था।

10 आरोपियों की हुई पहचान

जाली नोटों के कारोबार में पकड़े गए 10 आरोपियों की फेहरिस्त में रफी खान के अलावा सपा नेता नौशाद खान, औरंगजेब, मोहम्मद रफी, परवेज इलाही उर्फ कौसर अफरीदी, शेख जमालुद्दीन, नियाजउद्दीन उर्फ मुन्ना, रेहान खान उर्फ सद्दाम, मोहम्मज रफीक उर्फ बबलू खान, हाशिम खान और सिराज हाशमती का नाम शामिल है। पुलिस के अनुसार 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन 4 आरोपी अभी भी फरार हैं।

सपा नेता कौन?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में सपा के दो नेता भी शामिल हैं। वहीं रफी खान को मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। बता दें रफी खान उर्फ बबलू समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव हैं। वहीं नौशाद खान समाजवादी पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष हैं।

5.62 लाख रुपये बरामद

पुलिस को कुशीनगर में चल रहे जाली नोटों के कारोबार की जानकारी मिली तो पुलिस ने फौरन उस जगह पर छापा मारा। कुशीनगर के तमकुहीराज में यह पूरा धंधा चल रहा था। पुलिस ने मौके से 5 लाख 62 हजार रुपये नकली नोटस 1.10 लाख असली नोट और 3000 नेपाली नोट बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के पास कई हथियार भी थे। पुलिस को 10 देसी तमंचे, 4 सुतली बम, 2 नेपाली सिम और 26 फर्जी दस्तावेज मिले हैं।

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साभार : न्यूज़24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।